घातक है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, बढ़ते स्क्रीन टाइम से आंखों पर पड़ रहा बुरा असर

आंखें स्वस्थ्य रखने के लिए अपनाएं 20-20-20 का फार्म्यूला, हर 20 मिनट में कम से कम 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर देखें, कमरे में पर्याप्त रोशनी और कम्प्यूटर की सही दूरी का भी रखें ख्याल

Updated: Jan 15, 2022, 04:02 PM IST

घातक है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, बढ़ते स्क्रीन टाइम से आंखों पर पड़ रहा बुरा असर
Photo Courtesy: deccan herald

कोरोना की तीसरी लहर का कहर तेज होता जा रहा है। एक बार फिर स्कूल कॉलेज बंद हो गए हैं। ऑफलाइन क्लासें और दफ्तर बंद हो गए हैं। कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को एक बार फिर वर्क फ्राम होम करने को कहा है। जिसकी वजह से लोगों की फिजिकल एक्टिविटी फिर से लगभग बंद हो गई है। कर्मचारी कंप्यूटर पर लगातार आंखें जमाए रखने को मजबूर हैं। वहीं स्टूडेंट्स भी छोटी स्क्रीन पर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जिसकी वजह से इन्हें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का सामना करना पड़ रह है। बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से आंखों में जलन, तनाव, लालिमा की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आगामी समय में ये दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई और वर्क फ्रॉम होम में लगातार स्क्रीन को देखना पड़ता है, जिससे आंखों पर बुरा असर पड़ने लगता है। ऐसे लोगों में आखों में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पानी का सूखना जैसे लक्षण दिखते हैं। इस स्थिति में आंखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। स्क्रीन और आंखों की दूरी का खास ख्याल रखना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि डेढ़ फीट की दूरी से स्क्रीन देखना चाहिए। 20-20-20 का नियम फॉलो करना चाहिए, इसके तहत हर 20 मिनट में व्यक्ति को कम से कम 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर देखना चाहिए। इसे नियमित रूप से करने से आंखों को आराम मिलेगा, तनाव कम होगा।   इससे आंखों पर लगातार पड़ने वाले प्रेशर में कमी आती है। इससे बच्चों और बड़ों का स्क्रीन टाइम घटाने से परेशानी कम करने में आसानी होगी। वहीं कम्यूटर, टैबलेट या मोबाइल उपोयग करते समय सही चश्में का उपयोग बेहद जरूरी है। ऐसे में चश्मा और लेंस जैसे आईवियर पहनने वालों को भी समान रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है। वहीं सही स्क्रीन का उपयोग, बैठने की मुद्रा और घर की रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था का भी ध्यान रखना चाहिए।

अक्सर लोग सिर झुकाकर काम करते हैं। इससे न केवल आंखों में परेशानी होती है, बल्कि पीठ और गर्दन में दर्द भी होता है। अपनी आंखों की रोशनी बचाए रखने के लिए स्क्रीन टाइम को कम करना या 'राइट-साइज़िंग' करना उचित कदम है। वहीं कम्प्यूटर या अन्य स्क्रीन को पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखना चाहिए। स्क्रीन और आंखों के बीच पर्याप्त दूरी होना चाहिए। जैसे दोनों के बीच एक हाथ दूरी होना चाहिए। आपके और स्क्रीन के बीच उचित एंगल होना चाहिए। ब्लू लाइट के दुष्प्रभाव से बचने के लिए और UV संरक्षण वाले चश्मे और लेंस का सहारा लेना चाहिए।