भारत जितना सस्ता इलाज पूरी दुनिया में कहीं नहीं, आरोग्य मंथन कार्यक्रम में बोले राष्ट्रपति कोविंद

राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'एक देश-एक स्वास्थ्य' पर आरोग्य मंथन कार्यक्रम में शामिल हुए राष्ट्रपति, बोले- योग और आयुर्वेद को किसी धर्म से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण

Updated: May 28, 2022, 01:03 PM IST

भारत जितना सस्ता इलाज पूरी दुनिया में कहीं नहीं, आरोग्य मंथन कार्यक्रम में बोले राष्ट्रपति कोविंद

भोपाल। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद तीन दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर हैं। शनिवार सुबह राष्ट्रपति कोविंद राजभवन से रवाना होकर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। यहां वे 'एक देश-एक स्वास्थ्य' पर आरोग्य मंथन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत जितना सस्ता इलाज पूरी दुनियां में कहीं नहीं है।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति को आंवले का पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि, दो ढाई साल में दुनिया अदृश्य महामारी के दौर से गुजरी। 1- 2% लोग ही शायद इस महामारी के प्रकोप से बचे हैं। किसी न किसी रूप में हम सभी इससे प्रभावित रहे। देश और दुनिया के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन बनाकर मानव जीवन की रक्षा की। वैज्ञानिकों का अभिनंदन करता हूं। मैं दो दिवसीय विदेश यात्रा पर था। वहां दो देशों में कार्यक्रम थे। वहां के प्रधानमंत्री और डारेक्टर गवर्नर ने बताया भारत यदि उन्हें वैक्सीन नहीं देता, तो हमारी आधी आबादी नहीं बचती।'

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि, 'इंडिया जितना सस्ता इलाज दुनिया में और कहीं नहीं। इसीलिए दिल्ली के हॉस्पिटल्स में आसपास के पड़ोसी देशों के मरीज ज्यादा मिलेंगे। योग और आयुर्वेद को लोग किसी धर्म या मजहब से भी जोड़ देते हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।' इस दौरान राज्यपाल मांगू भाई पटेल ने कहा कि, 'आज के बच्चे पिज्जा खाते हैं और थम्स-अप की बोतल साथ रखते हैं। खाना कैसे पचा सकेंगे? पहले लोग सात्विक-पौष्टिक आहार लेते थे और श्रम भी करते थे, इस वजह से स्वस्थ रहते थे।'

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम चौहान ने कहा कि, 'हमें तीनों पद्धतियों पर काम करना चाहिए। आयुर्वेद भी, एलोपैथ भी और योग भी। हड्डी टूटने पर चूरन से काम नहीं चलेगा। वहां तो सर्जरी ही होगी। केवल पहलवान बनने से काम नहीं चलता। मन, तन भी बलिष्ठ होना चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए योग और अन्न भी ठीक चाहिए। हम जैसा खाते हैं, वैसा बनते हैं। आंत-दांत शाकाहार के लिए बनी है। हालांकि, मैं यह बात अपने लिए कह रहा हूं। किसी पर थोप नहीं रहा हूं।'

बता दें कि राष्ट्रपति कोविंद राजभवन में रुके हैं। अनेक लिए दिल्ली से दो स्पेशल कुक राजभवन आए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति ने यहां ज्वार की रोटी, मल्टी ग्रेन आटे से बनी रोटी, टिंडा करी, मूंग दाल, भरवा परवल, लहसुनी पालक, भरवा करेला खाने में खाया। इसके उपरांत उन्हें बिना शक्कर का गुलाब जामुन भी परोसा गया। खाने के बाद उन्होंने नारियल पानी और पैक्ड वॉटर का इस्तेमाल की। शनिवार शाम राष्ट्रपति के सम्मान में एक विशेष डिनर का व्यवस्था भी किया गया है। इसमें सत्तापक्ष समेत विपक्षी दल के नेता भी शामिल होंगे।

राष्ट्रपति की सुरक्षा से लेकर खान-पान तक की तमाम जिम्मेदारियों के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। हेल्थ चेकअप के लिए 9 डॉक्टर्स की टीम राजभवन में तीन शिफ्ट में तैनात रहेगी। मेडिकल इमरजेंसी के लिए हमीदिया और जेपी अस्पताल में 6-6 बेड तैयार रखे गए हैं। राष्ट्रपति की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर स्वयं कर रहे हैं।