MP के इस गांव में महिलाएं खेलती हैं अनूठी होली, पुरुषों का प्रवेश है वर्जित, सदियों पुरानी परंपरा निभा रहे लोग

मध्य प्रदेश के कुंडौरा गांव में जब महिलाएं होली खेलती हैं तब सभी पुरुष या तो गांव से बाहर चले जाते हैं या फिर घर के अंदर ही रहते हैं, बाहर गलियों में पुरुषों का निकलना वर्जित होता है

Updated: Mar 18, 2022, 10:06 AM IST

MP के इस गांव में महिलाएं खेलती हैं अनूठी होली, पुरुषों का प्रवेश है वर्जित, सदियों पुरानी परंपरा निभा रहे लोग

भोपाल। देश-प्रदेश में आज पूरे हर्षोल्लास के साथ होली मनाया जा रहा है। गलियों-मोहल्लों में लोग एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश का एक गांव ऐसा भी है जहां महिलाएं होली तो खेलती हैं, लेकिन वहां पुरुषों की एंट्री बैन होती है।

दरअसल, बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले के कुंडौरा गांव में अनोखे तरीके से होली खेलने की परंपरा है। यहां की महिलाएं राम जानकी मंदिर से होली पर टोलियों में निकलकर गलियों में हुड़दंग करती हैं। सदियों से गांव में इस परंपरा का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया जा रहा है। यहां जब महिलाएं होली खेल रही हों तब किसी भी पुरुष को आने की इजाजत नहीं होती है।

महिलाएं जब होली खेलती हैं तब सभी पुरुष या तो गांव से बाहर चले जाते हैं या फिर घर के अंदर ही रहते हैं। इतना ही नहीं होली खेलती महिलाओं का वीडियो फोटो लेने पर प्रतिबंध रहता है। अगर किसी पुरुष ने महिलाओं की फाग खेलने की तस्वीर ली या वीडियो बनाई तो उस पर तगड़ा जुर्माना लगाया जाता है, कभी-कभी तो मार पिटाई भी हो जाती है। ग्रामीण बताते हैं कि कुंडौरा गांव में यह परंपरा लगभग पांच सौ साल पुरानी है।

गांव की पूर्व प्रधान उपदेश कुमारी कहती हैं कि, जब वह ब्याह कर आई तभी से इस गांव की परंपरा का हिस्सा बन गई। फाग का शुभारंभ गांव के ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर से होता है और खेरापति बाबा के मंदिर परिसर में इसका समापन होता है। कुंडौरा गांव के साथ पास के दरियापुर गांव की महिलायें भी शामिल होती हैं।कोरोना महामारी के कारण प्रतिबंधों के चलते 2 साल तक होली के त्यौहार पर रोक लगी हुई थी। प्रतिबंधों के हटने के बाद इस गांव की महिलाएं फिर से धूमधाम से होली पर्व मनाने की तैयारी में जुटी हुई हैं।