बंदर की मौत पर बैंड-बाजे के साथ अंतिम संस्कार, तेरहवीं के लिए छपे कार्ड, मृत्युभोज में जुटे हजारों लोग

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में ठंढ़ से हुई थी बंदर की मौत, बैंड बाजे के साथ अंतिम संस्कार कराने के बाद अब तेरहवीं का आयोजन, मृत्युभोज ग्रहण करने जुटे 6 हजार लोग

Updated: Jan 12, 2022, 10:52 AM IST

बंदर की मौत पर बैंड-बाजे के साथ अंतिम संस्कार, तेरहवीं के लिए छपे कार्ड, मृत्युभोज में जुटे हजारों लोग
Photo Courtesy: Aajtak

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक बंदर की मौत पर ग्रामीणों ने न केवल विधिवत रूप से अंतिम संस्कार करवाया बल्कि मृत्यु भोज का भी आयोजन किया। बताया जा रहा है कि बंदर के मृत्यु भोज में 6 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। मामले में कोरोना प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दरअसल, खिलचीपुर के डालूपुरा गांव में एक बंदर को ठंड लग गई थी। ग्रामीणों ने उसका इलाज भी करवाया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। गांव के लोग उस बंदर को भगवान हनुमान का रूप मानते थे और उसके मौत पर ग्रामीण भावुक हो गए। गांव वालों ने अगले दिन बैंड बाजे के साथ उसके अंतिम संस्कार का आयोजन किया। हरिसिंह नामक युवक ने उसकी रीति रिवाजों के साथ अंत्येष्ठि की ओर खुद का मुंडन भी कराया।

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अंतिम संस्कार के बाद हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बंदर के श्राद्ध के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने तेरहवीं के न्यौते के लिए हजारों कार्ड छपवाकर बांटा। इसके बाद चंदा कर बड़े स्तर पर श्राद्ध का आयोजन हुआ। बताया जा रहा है कि मृत्यु भोज खाने के लिए 6 हजार से ज्यादा लोग यहां इकट्ठा हुए। श्राद्ध में काफी दूर दूर से भी लोग आए थे।

गांव में भंडारे की जानकारी लगने के बाद देर शाम खिलचीपुर थाने की पुलिस गांव पहुंची और कुछ आयोजनकर्ताओं को थाने ले आई। कोरोना के तहत लागू धारा 144 के उल्लंघन के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कई अन्य पर भी मामला दर्ज किया गया है। टीआई प्रदीप गोलिया ने बताया कि हरि सिंह और अर्जुन सिंह सहित कुछ अन्य ग्रामीणों पर कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर लिया गया है।