MP के खंडवा में सामूहिक आत्महत्या, आदिवासी परिवार की तीन सगी बहनों ने एक साथ लगाई फांसी

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में तीन बहनों ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। रात को तीनों साथ सोने का बोलकर कमरे में गई थीं, लेकिन उन्होंने नीम के पेड़ से फांसी लगा लिया, घटना के बाद से गांव में सनसनी फ़ैल गई है।

Updated: Jul 27, 2022, 01:08 PM IST

MP के खंडवा में सामूहिक आत्महत्या, आदिवासी परिवार की तीन सगी बहनों ने एक साथ लगाई फांसी

भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से सामूहिक आत्महत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार की 3 सगी बहनों ने नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से गांव में सनसनी फ़ैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों का शव बरामद कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। 

यह  घटना खंडवा जिले के जावर थाने क्षेत्र के भामवढ़ गांव की है।यहां रहने वाले एक आदिवासी परिवारी की तीन बेटियां सोनू, सावित्री और ललिता ने मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे नीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि तीनों साथ सोने का बोलकर कमरे में गई थी। इसके बाद तीनों ने नीम के पेड़ से रस्सी बांध फांसी लगा लिया।

यह भी पढ़ें: पहले जंगों में हिदायत होती थी कि बीमार पर हाथ नहीं उठाना: सोनिया गांधी से पूछताछ पर बरसे आजाद

घटना की सूचना मिलते ही करीब देर रात ढाई बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों का शव नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में सभी एंगल से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि फांसी के लिए जिस रस्सी का इस्तेमाल किया गया वह नया है। परिजनों के मुताबिक तीनों बहनें सोमवार सुबह बाजार भी गई थी। आशंका है कि यहीं तभी उन्होंने आत्महत्या के लिए रस्सी खरीद लिया था।

पुलिस सुसाइड करने की असली वजह का पता लगाने में जुटी हुई है। एसपी विवेक सिंह ने बताया कि अभी तक सुसाइड की वजह का पता नहीं चला है। ना ही मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि मृतक लड़कियों के पिता जामसिंह का भी पहले निधन हो चुका है। परिवार में 5 बहनें (अब दो बची) और तीन भाई हैं।

जावर थाना प्रभारी शिव राम जाट ने बताया कि मामला पारिवारिक औऱ आपसी संबंधों का हो सकता है। आत्महत्या करने वाली तीन बहनों में एक का विवाह हो चुका है वह 2 दिन पहले ही मायके आई थी। ग्रामीणों के मुताबिक मजदूर पेशा परिवार होने से आर्थिक स्थिति भी बदतर थी। ऐसे में आशंका यह भी है कि आर्थिक तंगी के कारण भी तीनों बहनें आत्महत्या के लिए मजबूर हुईं।