गुजरात सरकार ने की केंद्र से नर्मदा-तापी नदी परियोजना रोकने की सिफ़ारिश, आदिवासियों के विरोध के बाद उठाया कदम

वर्ष 2010 में इस योजना के प्रस्ताव के समय से इस क्षेत्र के नागरिक इसका विरोध कर रहे हैं, परियोजना से बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने की आशंका 

Updated: Mar 30, 2022, 12:11 PM IST

गुजरात सरकार ने की केंद्र से नर्मदा-तापी नदी परियोजना रोकने की सिफ़ारिश, आदिवासियों के विरोध के बाद उठाया कदम

नई दिल्ली। गुजरात सरकार ने केंद्र सरकार से नर्मदा-पार-तापी नदी जोड़ो परियोजना रोकने को कहा है। राज्य के सिंचाई मंत्री हृषिकेश पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से आदिवासी लोगों के विस्थापन की आशंका है और राज्य सरकार आदिवासी लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीन से विस्थपित नहीं करना चाहती है। 
जबकि हकीकत ये है कि इस परियोजना का आदिवासी शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। इस परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर आदिवासियों का एक बड़ा विरोध प्रदर्शन 1 अप्रैल को तापी जिले के सोनगढ़ में प्रस्तावित है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है। मंगलवार को कांग्रेस विधायक अनंत पटेल ने कहा कि जब तक केंद्र परियोजना को रद्द करने का निर्देश जारी नहीं करता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

जानकार बताते हैं कि राज्य में इस साल के अंत में विधान सभा चुनाव होने हैं। विधान सभा में 27 आदिवासी सीटें हैं।  नर्मदा-पार-तापी परियोजना आदिवासी बहुल करीब आधी सीटों से होकर गुजरती है। आदिवासियों के बीच कांग्रेस की मजबूत पैठ है। अगर ये परियोजना जारी रहती है तो राज्य में सत्ताधारी दल को आगामी चुनावों में बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी के चलते अब राज्य सरकार इस परियोजना को रोकने की बात कह रही है। वहीं, कांग्रेस और आदिवासियों का कहना है कि केंद्र सरकार जब तक इस परियोजना को रद्द करने का निर्देश जारी नहीं करती है तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दरअसल नर्मदा-पार-तापी नदियों को जोड़ने से अम्बाजी से लेकर उमरगांव क्षेत्र के बीच रहने वाले आदिवासी लोग बड़ी संख्या में विस्थापित हो जायँगे। 

नर्मदा-पार-तापी परियोजना के जरिये इन नदियों के अधिशेष पानी को उत्तरी गुजरात के पानी की कमी वाले क्षेत्रों में पहुंछाने की परिकल्पना की गई है। आदिवासियों के विस्थापन को देखते हुए परियोजना का शुरू से विरोध हो रहा है। इसमें तेजी इस वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 फरवरी को दिए बजट भाषण में नर्मदा-पार-तापी परियोजना की घोषणा के बाद से आई है।