Maharashtra crisis live: उद्धव ठाकरे ने किया इस्तीफे का ऐलान, बोले- सीएम पद छोड़ने का कोई अफसोस नहीं

सुप्रीम कोर्ट द्वारा फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश के बाद शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया, ठाकरे ने फेसबुक लाइव के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा की हमने रिक्शा वालों, ठेले वालों को भी मंत्री बनाया लेकिन बड़े होकर वे हमे ही भूल गए

Updated: Jun 30, 2022 12:07 AM IST

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को फ्लोर टेस्ट करने के राज्यपाल के आदेश को शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय में इसपर आज काफी लंबी बहस हुई। शिवसेना ने तर्क दिया कि जो विधायक पहले ही अयोग्य घोषित हो चुके हैं वो वोटिंग में कैसे शामिल हो सकते हैं? शिवसेना के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट टालने से आसमान नहीं टूट पड़ेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार अपने फैसले में फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। फ्लोर टेस्ट के निर्देश के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।

उद्धव ठाकरे का संबोधन

उद्धव ठाकरे का संबोधन

इस्तीफे के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि, 'हमने जिन रिक्शा वाले, चाय वालों को नेता, विधायक बनाया, उन्होंने ही हमें धोखा दिया। हमने उन्हें बातचीत का न्योता दिया, लेकिन वो वापस नहीं लौटे। सीएम पद छोड़ने का मुझे दुख नहीं है। जो लोग (बागी गुट के विधायक) आ रहे हैं, उन्हें आने दिया जाए और किसी तरह का नुकसान न पहुंचा जाए। मैं दिल से बात कर रहा हूं। चाय वाले, फेरी वाले और रेहड़ी वालों को भी शिवसेना ने अपने साथ जोड़ा और आगे बढ़ाया। अब वो बड़े होकर वो उन्हीं को भूल गए, जिन्होंने उन्हें बड़ा किया। सत्ता आने के बाद वो सारी बातें भूल गए मातोश्री में आने के बाद कई लोग आ रहे हैं और कह रहे है की आप लड़ो, हम आपके साथ हैं। जिन्हें दिया वो नाराज़ हैं, जिन्हें नहीं दिया वो साथ हैं।

नवाब मलिक और अनिल देशमुख को वोट देने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद नवाब मलिक और अनिल देशमुख को फ्लोर टेस्ट में वोट करने की इजाजत दे दी है। सीबीआई और ईडी अपनी कस्टडी में दोनों को विधानसभा लाएंगी। कार्रवाई खत्म होने के बाद जेल भेजे जाएंगे। मुंबई में गुरुवार को बहुमत परीक्षण को लेकर धारा 144 भी लगा दी है। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 

सदन में ही हो सकता है फैसला: सुप्रीम कोर्ट

सदन में ही हो सकता है फैसला: सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र में कल बहुमत परीक्षण होगा। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारी राय है कि इन मसलों का सही समाधान विधानसभा का सदन ही हो सकता है। अदालत ने बोम्मई केस का हवाला देते हुए कहा कि बहुमत का फैसला तो सदन में ही हो सकता है।

गवर्नर कोई देवदूत नहीं: सिंघवी

शिवसेना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, यह कहना गलत होगा की गवर्नर पॉलिटिकल नही हो सकता। इसी गवर्नर ने सालों तक 12 सदस्यों को नॉमिनेट नही होने दिया। गवर्नर के ऑफिस को भी देखा जाना जरूरी है। गवर्नर ने किसी से विधायक से बात तक नही की। गवर्नर कोई देवदूत नहीं हैं। वे भी इंसान हैं। गवर्नर ने सीएम से बात भी नहीं की। उन्होंने एकतरफा फैसला लिया।

उद्धव सरकार ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को बदला

महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्रेाम के बीच राज्य सरकार ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर संजय पांडे की जगह विवेक फणसलकर को नया कमिश्नर बनाया है। पांडे के रिटायरमेंट के बाद नई नियुक्ति की गई है। इसके अलावा औरंगाबाद शहर के म्यूनिसिपल कमिश्नर को भी बदला गया है। सांगली के जिलाधिकारी डॉ. अभिजीत चौधरी को औरंगाबाद का म्यूनिसिपल कमिश्नर बनाया गया है।

आसमान नहीं गिर जाएगा: सिंघवी

आसमान नहीं गिर जाएगा: सिंघवी

जस्टिस कांत ने पूछा कि, 'मान लीजिए कि सरकार को पता है कि उन्होंने सदन का बहुमत खो दिया और स्पीकर को समर्थन वापस लेने वालों को अयोग्यता जारी करने के लिए कहा जाता है। फिर उस समय राज्यपाल को शक्ति परीक्षण बुलाने का इंतजार करना चाहिए या वह स्वतंत्र रूप से अनुच्छेद 174 के तहत निर्णय ले सकता है।' इसपर सिंघवी ने जवाब दिया कि क्या राज्यपाल 11 जुलाई तक इंतजार नहीं कर सकते। 11 जुलाई को जब तक अदालत इस मुद्दे पर फैसला नहीं कर लेती, तब तक कोई आसमान नहीं गिरेगा। अगर कल फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ तो क्या आसमान गिर जाएगा?

शिंदे गुट गोवा के लिए रवाना

शिंदे गुट गोवा के लिए रवाना

शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र के विधायक बुधवार को गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल से निकलकर हवाई अड्डे के लिए रवाना हो चुके हैं। वे वहां से गोवा के लिए उड़ान भरेंगे। सूत्रों ने बताया कि रवानगी करीब दो घंटे विलंबित करने के बाद बागी विधायकों ने गोवा के लिए रवाना होने का फैसला किया, जहां से वे बृहस्पतिवार को शक्ति परीक्षण के लिए मुंबई जाएंगे।

शिवसेना वकील सिंघवी का तर्क

शिवसेना वकील सिंघवी का तर्क

शिवसेना का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि, 'नेता विपक्ष रात को दस बजे राज्यपाल से मिलने गए और फिर कल 11 बजे के लिए फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया गया। ये सुपरसोनिक स्पीड से आदेश दिया गया। कांग्रेस के दो विधायक देश से बाहर हैं और 2 एनसीपी के विधायक कोरोना से ग्रसित है। इस मामले में राज्यपाल ने बहुत तेजी से काम किया। 24 घंटे में बहुमत परीक्षण के लिए कहा गया है। गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी को पता था कि मामला सुप्रीम कोर्ट के पास है। मान लीजिए 11 जुलाई को कोर्ट विधायकों की याचिका खारिज कर देता है और 2 दिनों में स्पीकर अयोग्यता का फैसला देता है। ऐसे में क्या वो कल वोट दे सकते हैं? यह मामला सीधे तौर पर अयोग्यता से जुड़ा हुआ है।' दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था की फ्लोर टेस्ट का अयोग्यता से क्या लिंक है।

क्या फ्लोर टेस्ट के लिए समय सीमा तय है: सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, 'क्या फ्लोर टेस्ट कराने के लिए कोई न्यूनतम समय सीमा तय है? क्या नया फ्लोर टेस्ट कराने में कोई संवैधानिक बाधा है? इसपर सिंघवी ने दलील देते हुए कहा कि, 'हां... सामान्य तौर पर 6 महीने के अन्तराल से फ्लोर टेस्ट नहीं किया जाता। राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए मंत्रिमंडल से सलाह नहीं ली। जल्दबाजी में निर्णय लिया है। जब कोर्ट ने सुनवाई 11 जुलाई के लिए टाली थी, तो इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए था। 16 बागी विधायकों को 21 जून को ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है। ऐसे में इनके वोट से बहुमत का फैसला नहीं किया जा सकता।' इसपर जस्टिस कांत ने कहा कि अगर स्पीकर ने अयोग्य घोषित किया होता, तो स्थिति अलग होती। डिप्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास का मसला पहले से पेंडिंग है, इसलिए अयोग्यता के मसले पर भी सुनवाई टाली गई थी।

आप गवर्नर पर सवाल नहीं उठा सकते- सुप्रीम कोर्ट

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 34 शिव सेना के विधायक का लेटर वेरिफाई नही हुआ है। उस लेटर की सत्यता का पता नहीं है। क्या उनको किसी ने मजबूर किया ऐसा लेटर लिखने को, इसके लिए गवर्नर ने वेरिफाई नही किया। एक हफ्ते बाद बताया कि लेटर आया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा लेकिन हम कैसे गवर्नर के विवेक पर सवाल उठा सकते है। उनका सेटिस्फेक्शन होगा। जो भी सत्य है वो सदन के पटल पर साबित होगा।

राज्यपाल को सीएम की सलाह पर काम करना चाहिए: सिंघवी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, गवर्नर को सीएम के सलाह पर काम करना चाहिए। लेकिन वे विपक्ष के नेता की सलाह पर काम कर रहे हैं। नेता विपक्ष उनसे शाम को मिलते हैं और दूसरे दिन लेटर आ जाता है कि एक दिन में फ्लोर टेस्ट है। गवर्नर ने हमे अपने लेटर में लिखा है की 7 निर्दलीय विधायक और विपक्ष ने गवर्नर को लेटर दिया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अयोग्यता को लेकर दायर याचिका पर अलग से विचार करेंगे। फ्लोर टेस्ट कैसे अयोग्यता कार्यवाही से संबंधित या प्रभावित करता है या अयोग्यता कार्यवाही करने के लिए अध्यक्ष की शक्तियों में हस्तक्षेप करता है। इसपर सिंघवी ने कहा कि सदस्य पहले से ही इस तिथि को अयोग्य ठहराए जा चुके हैं, उन्हें फ्लोर टेस्ट में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके अलग-अलग परिदृश्य हैं। जब अध्यक्ष की अयोग्यता की शक्ति को चुनौती दी गई है, तो क्या अयोग्यता मानी जाएगी? सिंघवी ने जवाब दिया- हाँ

जो पहले से अयोग्य, वो वोटिंग कैसे कर सकते हैंः सिंघवी

जो पहले से अयोग्य, वो वोटिंग कैसे कर सकते हैंः सिंघवी

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि सभी एकमत हैं कि लोकतंत्र के हित में दसवीं अनुसूची के उद्देश्य को मजबूत किया जाना चाहिए। इसमें कोई झगड़ा नहीं है और सभी इस बात से सहमत हैं कि यह अदालत दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) को मजबूत करे। सिंघवी ने तर्क देते हुए कहा कि मुद्दा यह है कि जो पहले से ही अयोग्य है क्योंकि 21 जून को उसे कल मतदान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस अदालत को ऐसी स्थिति से बचना चाहिए। यह किसी ऐसी चीज की अनुमति नहीं देगा जो लोकतंत्र की जड़ को काट दे।

BJP ने शिंदे को डिप्टी सीएम और मंत्री पदों का ऑफर

BJP ने शिंदे को डिप्टी सीएम और मंत्री पदों का ऑफर

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट और भाजपा के बीच सरकार बनाने पर मंथन भी चल रहा है। भाजपा ने शिंदे गुट को 8 कैबिनेट और 5 राज्य मंत्रियों का ऑफर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी CM के लिए एकनाथ शिंदे का नाम रखा गया है। गुलाबराव पाटिल, संभुराज देशाई, संजय शिरसाट, दीपक केसरकर, उदय सामंत को मंत्री बनाया जा सकता है।

असम को 51 लाख रुपये दान करेंगे बागी विधायक

शिवसेना के बागी विधायकों ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का योगदान देने का फैसला किया है। एकनाथ शिंदे ने बुधवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि शिंदे गुट आज गुवाहाटी छोड़ने वाला है। बाढ़ के दौरान असम में उनके रुकने की वजह से काफी किरकिरी हो रही थी। ऐसे में अब रुपए देकर अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

बीजेपी में बैठकों का दौर

बीजेपी में बैठकों का दौर

भाजपा आज शाम अपने विधायकों की बैठक करेगी। ताकि कल के तय फ्लोर टेस्ट की तैयारी कर सके। BJP ने आज आज शाम मुंबई के ताज प्रेसिडेंट होटल में पार्टी विधायकों की मीटिंग बुलाई है। इससे पहले  बीजेपी ने दोपहर दो बजे फडणवीस के सरकारी आवास सागर बंगले पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई।

फ्लोर टेस्ट असंवैधानिक: संजय राउत

फ्लोर टेस्ट असंवैधानिक: संजय राउत

फ्लोर टेस्ट के आदेश का विरोध करते हुए संजय राउत ने कहा कि यह फैसला असंवैधानिक है और इसके जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अभी तो 16 विधायकों की अयोग्यता का ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उससे पहले फ्लोर टेस्ट का आदेश देना गलत है और पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा गवर्नर हाउस से राजनीति करवा रही है।' 

 

सिंघवी रखेंगे शिवसेना का पक्ष

सिंघवी रखेंगे शिवसेना का पक्ष

शिवसेना की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रखेंगे। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि राज्यपाल के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है और शीर्ष अदालत इस मामले में दखल दे। आज शाम कोर्ट पांच बजे इसपर अपना निर्णय सुनाएगा।