कुतुब मीनार परिसर से गणेश मूर्तियां हटाने की मांग, राष्ट्रीय प्राधिकरण ने ASI को लिखा पत्र

बीजेपी सांसद रहे तरुण विजय ने एएसआई को लिखे एक पत्र में कहा है कि कुतुब परिसर में ‘मूर्तियों का रखना अपमानजनक’ है। उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय में ले जाया जाये

Updated: Apr 07, 2022, 09:57 AM IST

कुतुब मीनार परिसर से गणेश मूर्तियां हटाने की मांग, राष्ट्रीय प्राधिकरण ने ASI को लिखा पत्र

नई दिल्ली। दिल्ली के महरौली में स्थित ऐतिहासिक धरोहर कुतुब मीनार एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, यहां मौजूद भगवान गणेश की मूर्तियां हटाने की मांग होने लगी है  राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को कुतुब मीनार परिसर से दो गणेश मूर्तियों को हटाने के लिए कहा है।

द इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक एनएमए के अध्यक्ष तरुण विजय ने एएसआई को एक पत्र में कहा है कि कुतुब परिसर में मूर्तियों का रखना अपमानजनक है। उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय में ले जाया जाए। पिछले महीने के अंत में एएसआई को भेजे गए एक लिखित पत्र में एनएमए द्वारा कहा गया है कि इन मूर्तियों को राष्ट्रीय संग्रहालय में सम्मानजनक स्थान दिया जाना चाहिए।

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एमएमए ने कहा कि ऐसी पुरावशेषों को संग्रहालयों में रखने का प्रावधान है। बता दें कि NMA और ASI दोनों केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करते हैं। एनएमए प्रमुख तरुण विजय भाजपा नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, 'मैंने कई बार साइट का दौरा किया और महसूस किया कि मूर्तियों को कुतुब परिसर में रखना अपमानजनक है। परिसर में स्थित मस्जिद में आने वाले लोगों पैरों से उनका अपमान होता है।

बता दें कि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है और इसका व्यास 14.32 मीटर है जो शिखर तक पहुंचने पर 2.5 मीटर रह जाता है। मीनार के परिसर में स्थित कुव्वत-उल-इस्लाम नामक मस्जिद है। जिसको लेकर अक्सर हिंदूवादी संगठन दावा करते रहे हैं कि यह हिंदू-जैन मंदिरों को तोड़कर बनाया गया है।