कोरोना के कारण भारत में हुई 32 लाख से अधिक मौतें, साइंस जर्नल की रिपोर्ट से उठे सरकारी आंकड़ों पर सवाल

साइंस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना काल में भारत में 32 लाख लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई, इनमें से अधिकतर लोगों की मौत कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई, रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल अप्रैल से जुलाई के बीच भारत में 27 लाख लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई

Updated: Jan 12, 2022, 10:51 AM IST

कोरोना के कारण भारत में हुई 32 लाख से अधिक मौतें, साइंस जर्नल की रिपोर्ट से उठे सरकारी आंकड़ों पर सवाल

नई दिल्ली। कोरोना काल में हुई मौतों को लेकर अक्सर केंद्र सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोप लगता रहा है। अब दुनिया की चर्चित जर्नल, साइंस जर्नल ने भारत में कोरोना से हुई मौतों की एक स्टडी प्रकाशित की है। जो कि सरकारी आंकड़ों के मुकाबले सात गुना अधिक है। 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब तक कोरोना के कारण 4.84 लाख लोगों की मौत हुई है। लेकिन साइंस जर्नल में प्रकाशित स्टडी सरकारी दावों के एकदम विपरीत है। स्टडी के मुताबिक कोरोना के कारण भारत में अब तक 32 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से सबसे अधिक मौतें कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई हैं। स्टडी के मुताबिक पिछले साल अप्रैल से जुलाई महीने के बीच भारत में 27 लाख लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई। 

साइंस जर्नल में इस स्टडी को कोविड मोर्टालिटी इन इंडिया के शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस स्टडी को टोरंटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रभात झा के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय रिसर्चर्स की टीम ने किया है। स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने सी वोटर की भी मदद ली थी। 

कैसे एकत्रित किया आंकड़ा

स्टडी में इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए भारत के सरकारी अस्पतालों में दर्ज मौत के आंकड़े और दस राज्यों में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में दर्ज आंकड़ों को आधार बनाया गया है। वहीं इसके अलावा इंडिपेंडेंट एजेंसी सी वोटर की भी इस स्टडी के दौरान मदद ली गई। 

1.40 लाख लोगों को सी वोटर ने लगाए फोन 

स्टडी के दौरान सी वोटर ने करीब एक लाख चालीस हजार लोगों को फोन किए। लोगों को फोन कर उनके परिवार, परिचित व आस पड़ोस में कोरोना के कारण हुई लोगों को मौतों की जानकारी ली गई। इसके साथ ही लोगों से कोरोना के कारण हुए निधन का वक्त भी पूछा गया। तमाम पहलुओं पर शोध करने के बाद शोधकर्ताओं का आंकड़ा सरकारी आंकड़े के मुकाबले कहीं अधिक आया। 

अस्पतालों में हुई मौतों पर भी की गई स्टडी

कोरोना महामारी से पहले और बाद में अस्पतालों में हुई मौतों पर भी स्टडी की गई। इसके लिए भारत के करीब दो लाख अस्पतालों की स्टडी की गई। रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना महामारी के आने से पहले की तुलना में कोरोना के आने के बाद हुई मौतों में 27 फीसदी की वृद्धि हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मौतें कोरोना के कारण हुई हैं।

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हालांकि यह पहली बार नहीं है जब भारत सरकार पर कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगा है। पिछले साल न्यू यॉर्क टाइम्स में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। जिसमें भारत में कोरोना के कारण 42 लाख लोगों की मौत होने का अनुमान लगाया गया था। इस रिपोर्ट के लिए न्यू यॉर्क टाइम्स ने एक दर्जन से ज्यादा विशेषज्ञों की मदद ली थी। रिपोर्ट में भारत में महामारी को तीन स्तरों पर बांटा था। जिसमें सामान्य स्थिति, खराब स्थिति और बेहद खराब स्थिति को शामिल किया गया था। सबसे खराब स्थिति में भारत में 70 करोड़ लोगों के कोरोना से संक्रमित होने और 42 लाख लोगों की मौत का अनुमान लगाया गया था।