कथित सुरक्षा चूक: पंजाब सरकार ने की स्वतंत्र जांच की मांग, बोली अगर हमारे अधिकारी दोषी मिलें तो फांसी पर टांग दें

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई सात जनवरी को हुई थी, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट को पीएम के ट्रैवल रिकॉर्ड को सील करने के निर्देश दिए थे

Updated: Jan 10, 2022, 01:13 PM IST

कथित सुरक्षा चूक: पंजाब सरकार ने की स्वतंत्र जांच की मांग, बोली अगर हमारे अधिकारी दोषी मिलें तो फांसी पर टांग दें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पंजाब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा है कि कोर्ट इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए, और अगर जांच में हमारे अधिकारी दोषी पाए जाएं तो उन्हें फांसी पर टांग दे। पंजाब सरकार ने कोर्ट से कहा कि अगर कोर्ट चाहे तो इस मामले की स्वतंत्र जांच करा सकता है, लेकिन हमें केंद्र की जांच पर भरोसा नहीं है।

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील डीएस पटवालिया ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारियों को समन भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। डीएस पटवालिया ने कोर्ट से कहा कि केंद्र सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। वकील ने कहा कि बिना किसी जांच के हमारे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात करना अनुचित है। 

वहीं केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह सभी नोटिस कोर्ट के आदेश से पहले जारी किए गए थे। इससे पहले सात जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे मामले की सुनवाई हुई थी। पिछली सुनवाई में ही पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया है। 

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वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कथित सुरक्षा चूक को क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म से जोड़ते हुए कहा था कि यह सिर्फ सुरक्षा में चूक का मामला नहीं है, बल्कि इस घटना से भारत की विश्व भर में किरकिरी हुई है। इसके बाद कोर्ट ने प्रधानमंत्री के ट्रैवल रिकॉर्ड को सील करने के निर्देश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख दस जनवरी तय कर दी थी।