नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच एलएसी पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसको लेकर आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर कई बार फेसऑफ हुआ है और यह अभी भी चल रहा है। उन्होंने भारत की ओर से पारंपरिक सैन्य तैयारियों को नाकाफी बताते हुए कहा कि चीन सैन्य ताक़त में हमसे काफी आगे है।

शत्रुजीत गुरुवार को राजस्थान के अलवर के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश में ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाके में तनाव बना हुआ है। भारत ने भी सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है।

ITBP के DG ने कहा कि जुलाई से अब तक दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकें (WMCC, विशेष प्रतिनिधि वार्ता, कोर कमांडर स्तर) हुईं, लेकिन तनाव बरकरार रहा। इसी बीच सितंबर में 18वां ब्रिक्स सम्मेलन भी हुआ, जिसमें हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए थे।

शत्रुजीत ने कहा कि ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध का तरीका काफी बदल दिया है। ITBP ड्रोन बनाने और एंटी-ड्रोन क्षमता मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि LAC के पास अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए ITBP भूमिगत शेल्टर बना रहा है। इससे पहले भारत और चीन के बीच डोकलाम में भी झड़प हुई थी। तन भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे।

विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर इन टकरावों पर चुप रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर लिखा, ‘19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की चीन को दी गई बदनाम क्लीन चिट की कीमत भारत चुका रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब खुद को विश्वगुरु कहने वाले प्रधानमंत्री की चीन को लेकर सोची-समझी रियायतें जारी हैं, तब ITBP DG ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ हालिया फेसऑफ में बल के प्रदर्शन की सराहना की है।’

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ITBP के महानिदेशक के मुताबिक, ये घटनाएं जुलाई से हो रही हैं, लेकिन देश को इसकी जानकारी अक्टूबर में मिली। पीएम और गृह मंत्री ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है।