ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मंगलवार सुबह 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति की लिंक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मंदिर के गेट के पास प्रसाद की दुकान लगाते थे। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात श्रद्धालुओं को कुचलते हुए निकले बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि, 41 लोग घायल हुए हैं।
मोतीराम की मौत की खबर से उनके गांव सातऊ में शोक का माहौल है। हादसे के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए लिंक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही थी। चिकित्सकों के मुताबिक, दुर्घटना में लगी चोटों के कारण उनकी खून की नस में थक्का जम गया था। इस स्थिति को सुपरफिशियल फीमोरल थ्रोम्बोसिस बताया गया। मोतीराम को साल 2024 में हार्ट अटैक भी आया था। जिसके बाद उनके दिल में स्टेंट डाला गया था। तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
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मोतीराम मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास प्रसाद बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। हादसे के बाद से ही उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग भी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए था। सोमवार शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) अस्पताल पहुंचे थे और मोतीराम तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसके अगले दिन उनकी मौत हो गई। इस हादसे में श्रद्धालुओं के साथ-साथ मंदिर के आसपास मौजूद लोगों को भी ट्रक ने अपनी चपेट में लिया था। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में किशोरों और वयस्कों के साथ एक महिला भी शामिल है। मोतीराम की मौत के बाद मृतकों की संख्या 16 पहुंच गई है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल संजय शर्मा और 19 वर्षीय कल्पना परिहार को बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती कराने का निर्णय लिया गया। संजय को सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:10 बजे एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया था। इसके बाद मंगलवार सुबह 11:30 बजे कल्पना को भी एयर एम्बुलेंस से एम्स शिफ्ट किया गया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार शाम घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और गंभीर मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
श्योपुर निवासी संजय शर्मा हादसे के दिन अपने परिवार के साथ ग्वालियर पहुंचे थे। शनिवार को वह परिवार सहित बैराड़ में एक तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद सहसराम गांव जाकर अपने भाइयों से मुलाकात की। वहां से वह अपने बड़े भाई महेश को साथ लेकर ग्वालियर आए थे। संजय ग्वालियर में अपना मकान बनवा रहे थे। वह चाहते थे कि महेश निर्माण कार्य की निगरानी करें इसलिए उन्हें अपने साथ लाए थे। बाद में संजय अपनी पत्नी छाया, दोनों बेटों और भाई महेश के साथ शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। रात करीब 1:30 बजे हुए हादसे में संजय के बड़े भाई महेश शर्मा और मासूम शौर्य शर्मा की मौत हो गई। संजय खुद गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स भेजा गया।
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शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे में अब तक गौरव परिहार, पवन राठौर, प्रिंस जाटव, देवेश बघेल, हेमंत राठौर, विमलेश बघेल, महेश शर्मा, शौर्य शर्मा, सरला तोमर, सतेन्द्र सिंह, अशोक त्यागी, नीतेश उर्फ रितेश, अमन त्यागी, लव त्यागी, दिव्यांश कुशवाहा और मोतीराम प्रजापति की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल 41 लोगों का इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है।