जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध में गुरुवार शाम हुए हादसे को कई घंटे हो चुके हैं। तलाशी अभियान शुक्रवार सुबह को भी जारी है। भारतीय सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन अपने हाथ में ले लिया है। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं। जबकि 10 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। देर रात तक चलाए अभियान में 22 लोगों को बचाया भी जा चुका है।

दरअसल, बरगी बांध में 30 अप्रैल (गुरुवार) शाम लगभग 5:30 बजे जब 40 से ज्यादा पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक पानी में डूब गया। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। जबलपुर SP संपत उपाध्याय ने बताया कि भेड़ाघाट (बरगी बांध क्षेत्र) में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज अचानक आए भीषण तूफान के कारण पलट गया। इस क्षेत्र में गुरुवार सुबह से ही तेज हवाएं चल रही थीं।

हादसे को 14 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, जिसके चलते लापता लोगों के जिंदा रहने की उम्मीद कम है। हालांकि, तलाशी अभियान युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।

हादसे को लेकर क्रूज के पायलट महेश ने कहा कि सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, अब सवाल उठ रहे हैं कि सैलानियों को लाइफ जैकेट क्यों नहीं पहनाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच और क्रूज के ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।

सिंह ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने की घटना बेहद पीड़ादायक है। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें। प्रशासन से अपील है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए और लापता लोगों को जल्द सुरक्षित निकालने के हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रशासन को Magistrate Enquiry का आदेश देना चाहिए और Cruise के ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।'