मध्य प्रदेश में रसोई गैस की कमी ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई शहरों में घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से लोग घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। जबकि, होटलों और ढाबों में चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। पिछले करीब छह दिनों से कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति ठप होने से हजारों होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं।

राजधानी भोपाल में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक नजर आ रहे हैं। जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाके में कई परिवारों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। यहां रहने वाली शीबा खान पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी और डिलीवरी कर्मियों के चक्कर लगा रही हैं। उनके मोबाइल पर 13 मार्च को गैस डिलीवरी का संदेश आया था लेकिन इसके बावजूद सिलेंडर उनके घर तक नहीं पहुंच पाया। मजबूरी में उन्हें रिश्तेदारों के घर जाकर खाना बनाना पड़ रहा है।

इसी तरह भोपाल के मोहम्मद रियाज के घर में तीन दिनों तक गैस खत्म रही थी। लगातार इंतजार के बाद जब सिलेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर के लिए नया इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया ताकि परिवार का खाना बन सके।

एलपीजी की इस किल्लत का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश भर में करीब 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पिछले छह दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडर के इंतजार में हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने सीमित गैस उपलब्धता के कारण अपना मेन्यू छोटा कर दिया है। वहीं, कई छोटे ठेले, रेहड़ी और फूड स्टॉल पूरी तरह बंद हो गए हैं। इसकी वजह से दिहाड़ी कमाने वाले लोगों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।

हालांकि, कुछ जिलों में प्रशासन ने हालात संभालने के प्रयास किए हैं। ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कमी की खबरें अफवाह हैं। लोगों में भ्रम की स्थिति न बने इसके लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।

उज्जैन में भी सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। रविवार को छुट्टी होने के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी को खोलकर घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति जारी रखी गई। एजेंसी के संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू गैस की डिलीवरी नियमित रूप से की जा रही है। हालांकि, कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए नए निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।

दूसरी ओर गैस की कमी और बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। नर्मदापुरम जिले के पुरानी इटारसी क्षेत्र में रविवार को युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बजाज शोरूम के पास नाले में गैस पाइप डालकर प्रतीकात्मक रूप से चूल्हा जलाया और सरकार पर तंज कसा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि प्रदेश के लोग कई दिनों से गैस सिलेंडर के लिए कतारों में खड़े हैं लेकिन सरकार और प्रशासन समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। युवा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही घरेलू और कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।