मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने रविवार को राजधानी भोपाल सहित 45 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। शिवपुरी में सबसे अधिक करीब ढाई इंच, छिंदवाड़ा में लगभग डेढ़ इंच और भोपाल में सवा इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश और आंधी के कारण प्रदेश के 100 से ज्यादा इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। जबकि, शिवनगर सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार, उज्जैन में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, छतरपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर, देवास, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, विदिशा, झाबुआ, हरदा, पांढुर्णा, धार और रतलाम समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई थी।
शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई थी। जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो गई थी। वहीं, शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं से कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। एक ढाबा और मकान भी ढह गया। जबकि, कार, बाइक और एक पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा। रतलाम में बारिश के कारण सड़कें और अंडरब्रिज पानी में डूब गए। झाबुआ में भी कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। जबकि, विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को हुई बारिश से लोगों को राहत मिली।
प्रदेश में बारिश का असर न्यूनतम तापमान पर भी दिखाई दिया है। शनिवार-रविवार की रात खजुराहो सबसे गर्म रहा। वहां न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद नौगांव में 27.6, सतना में 27.5, उमरिया में 27.2, सीधी में 27 तथा ग्वालियर और नर्मदापुरम में 26 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर खंडवा सबसे ठंडा रहा। वहां न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह में 21.4, पचमढ़ी में 21.6, खरगोन में 21.8, धार में 22.6, इंदौर में 22.8, भोपाल में 23.2, शिवपुरी और रतलाम में 23.6, बैतूल और सागर में 23.7 तथा छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री तापमान रहा।
हालांकि, पिछले चार दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और कुछ जिलों में चार इंच से अधिक पानी भी गिर चुका है लेकिन मानसून अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। जबकि, अब तक केवल 63.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से करीब 41 प्रतिशत कम है। हालांकि, 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। यानी हाल की बारिश से करीब 9 प्रतिशत सुधार दर्ज हुआ है।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब भी सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जबकि, पश्चिमी हिस्से में वर्षा की कमी घटकर 16 प्रतिशत रह गई है। सामान्य से कम बारिश वाले जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं। जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।