मुंबई में रविवार शाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई। जुहू के पुष्पा पार्क के पास हुई इस घटना में बाइक सवार तीन लोगों ने पांच राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं। जबकि, उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को गोली लगी है। दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के नाम से एक पोस्ट और ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ सलमान खान और उनके परिवार को भी धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस ने अब तक लॉरेंस गैंग की इस घटना में संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास रुकी थी। अभिनेता को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। तभी बाइक पर सवार तीन लोग मौके पर पहुंचे और कार पर पांच राउंड फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले समझाने की कोशिश की गई थी लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। इसमें आगे मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि जो लोग उनकी बात नहीं सुनेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि यह चेतावनी फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों के लिए है जो लॉरेंस गैंग के खिलाफ हैं या सलमान खान के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में खुद को अनिल पंडित बताने वाला व्यक्ति टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा करता सुनाई दे रहा है। ऑडियो में वह हरमन संधू का भी नाम लेता है और कहता है कि दोनों इस हमले की जिम्मेदारी लेते हैं।

ऑडियो में सलमान खान को संबोधित करते हुए धमकी दी गई है कि यदि उन्होंने लॉरेंस के खिलाफ रुख अपनाया या उससे जुड़े विवाद में विरोध जारी रखा तो उनके परिवार को भी निशाना बनाया जाएगा। ऑडियो में सलमान की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए भी धमकी दी गई है।

इस रिकॉर्डिंग में फिल्म इंडस्ट्री के अन्य लोगों को भी चेतावनी दी गई है। धमकी देने वाला व्यक्ति कहता है कि लॉरेंस के खिलाफ बोलने वाले लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है और उनके खिलाफ कार्रवाई में समय लग सकता है।

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और धमकियों के बीच पुलिस की ओर से अब तक यह पुष्टि नहीं की गई है कि हमले के पीछे लॉरेंस गैंग का हाथ है। वायरल पोस्ट और ऑडियो में किए गए दावों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।