तेहरान। ईरान में हिंसक प्रदर्शन की वजह से हालत बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान पर अमेरिका की ओर से हमले की भी आशंका है। बिगड़ते हालात और अनिश्चितताओं के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि उनके पास जो भी उपलब्ध साधन हों, उसका इस्तेमाल करके ईरान छोड़ दें।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अपने नागरिकों को सलाह दी है कि ईरान में मौजूद भारतीय छात्र, तीर्थयात्री, कारोबारी और पर्यटक विमान या अन्य साधनों से वहां से निकल जाएं। पासपोर्ट और आईडी समेत सभी इमिग्रेशन कागजात अपने पास रखें। साथ ही जहां प्रदर्शन चल रहे हैं, वहां जाने से बचें। नागरिकों को भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को भी कहा गया है।
भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी में मदद के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि मुश्किल में फंसे भारतीयों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। भारतीय नागरिकों से +98 9128109115; +98 9128109109, +98 9128109102 और +98 9932179359 नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया है। सहायता के लिए ईमेल cons.tehran@mea.gov.in भी जारी किया गया है।
इससे पहले, अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए इसी तरह की एडवाइजरी जारी की थी और वहां मौजूद अमेरिकी नागरिक तुरंत ईरान छोड़कर निकल जाएं। अमेरिकी दूतावास ने कहा था कि जो भी साधन न मिले, उसका इस्तेमाल करते हुए देश छोड़ दें। अगर विमान सेवाएं उपलब्ध न हों तो सड़क के रास्ते पड़ोसी आर्मेनिया या तुर्की चले जाएं।
अमेरिकन वर्चुअल एम्बेसी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पूरे ईरान में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं और ये किसी भी समय हिंसक रूप ले सकते हैं। ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन फोन और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। सड़कों की नाकेबंदी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप होने की खबरें भी आ रही हैं।
ईरान में बुधवार शाम 300 शवों को दफनाया जाएगा। अंग्रेजी अखबार द गार्डियन के मुताबिक, शवों में प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षा बलों के शव भी शामिल होंगे। ये कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच तेहरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में हो सकता है।
प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। हालांकि ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।