तेहरान। ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को हटाने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन जारी है। यह आंदोलन महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब यह खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाला सबसे बड़ा विरोध बन गया है। इस जन विद्रोह के बीच 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है।
द गार्डियन के मुताबिक उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। उन पर हिंसा भड़काने और 'ईश्वर के खिलाफ जंग छेड़ने' जैसा आरोप लगाया गया। इस मामले में आगे कोई ट्रायल नहीं होगा, परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए आखिरी मुलाकात का मौका मिलेगा।
ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी सरकार के खिलाफ विद्रोह पर कार्रवाई में लोगों को फांसी देना शुरू करते हैं तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। इसके बाद ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और इजराइली PM नेतन्याहू को ईरान में लोगों का हत्यारा बताया।
ट्रंप ने न सिर्फ़ ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपना आंदोलन जारी रखने की अपील की है, बल्कि यह भी कहा है कि “मदद रास्ते में है”, जिससे ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका तेज हो गई है। इस बीच अब अरब जगत के कुछ प्रमुख देशों ने अमेरिका को ईरान पर हमला न करने की सलाह दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब, ओमान और कतर ने व्हाइट हाउस को आगाह किया है कि ईरानी शासन को गिराने की कोशिश से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है। इन देशों का मानना है कि इसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ट्रंप इन चेतावनियों को कितना महत्व देंगे, इसकी संभावना कम है। अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति अलग-अलग राय सुनते जरूर हैं, लेकिन अंतिम फैसला वही लेते हैं जो उन्हें सही लगता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए लिखा कि वे अपना विरोध जारी रखें और अत्याचार करने वालों के नाम याद रखें। उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें तब तक रद्द कर दी गई हैं, जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकतीं। इसके साथ ही ट्रंप ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ की तर्ज पर ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ यानी MIGA का नारा भी दिया।