छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में लावारिस मिठाई खाने के मामले ने और भयावह रूप ले लिया। बुधवार को मिठाई खाने वाली 27 वर्षीय खुशबू की इलाज के दौरान मौत हो गई। नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती खुशबू ने सुबह करीब 6:30 बजे दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण उसके शरीर के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इस घटना में अब तक एक ही परिवार के दो सदस्यों समेत तीन लोगों की जान जा चुकी है। जबकि, एक महिला की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

यह पूरा मामला जुन्नारदेव का है जहां पीएचई विभाग के पास स्थित एक होटल में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई मिठाई खाने से मौत का ये सिलसिला शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, होटल परिसर में एक बैग काफी देर तक लावारिस पड़ा रहा। जब कोई व्यक्ति उसे लेने नहीं लौटा तो वहां तैनात पीएचई विभाग के चौकीदार दशरू यदुवंशी (53) बैग उठा ले गया। बैग के भीतर मिठाई का एक डिब्बा था।

उसी समय वहां 72 वर्षीय सुंदरलाल कथूरिया, उनकी पत्नी संतोषीबाई और बेटी खुशबू मौजूद थी। चारों ने मिलकर वह मिठाई खा ली। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त, कमजोरी और घबराहट के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर खुशबू को इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया।

इस दर्दनाक घटना में सबसे पहले 11 जनवरी को चौकीदार दशरू यदुवंशी की मौत हुई। इसके दो दिन बाद मंगलवार को सुंदरलाल कथूरिया ने भी दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह इलाज के दौरान खुशबू की मौत हो गई। अब केवल सुंदरलाल की पत्नी संतोषीबाई ही जीवित हैं जिनकी हालत डॉक्टरों के अनुसार अभी भी गंभीर बनी हुई है।

परिवार ने इस पूरे मामले को लेकर साजिश की आशंका भी जताई है। खुशबू की बहन मुस्कान खरे ने बताया कि खुशबू का अपने ससुराल पक्ष से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी वजह से वह पिछले एक महीने से मायके में रह रही थी। परिवार को संदेह है कि मिठाई से भरी थैली जानबूझकर होटल में छोड़ी गई हो सकती है ताकि उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। जुन्नारदेव थाना प्रभारी राकेश बघेल के अनुसार, होटल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उस व्यक्ति की पहचान हो सके जिसने मिठाई की थैली वहां छोड़ी थी। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी ने बताया कि फूड सैंपल और तीनों शवों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है लेकिन यह भी जांच का विषय है कि मिठाई में किसी जहरीले केमिकल की मिलावट तो नहीं की गई थी।