बेंगलुरु के नेलामंगला क्षेत्र की शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रैकिंग के लिए गए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय पांच दिन से लापता हैं। शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे पहाड़ी की ओर रवाना होने से पहले उन्होंने अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। इसके कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। पुलिस, एसडीआरएफ, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से रविवार से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन अब तक अद्वैत का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

पुलिस जांच के मुताबिक, अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और फिर पैदल पहाड़ी की तरफ बढ़ गए। रास्ते में लगे करीब 10 सीसीटीवी कैमरों में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में उन्हें पहाड़ी की दिशा में जाते देखा गया लेकिन इसके बाद उनकी लोकेशन का पता नहीं चल सका।

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तलाशी अभियान के दौरान रविवार को पुलिस को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के नजदीक अद्वैत का शोल्डर बैग और स्वेटर मिला। इसके बावजूद आसपास के इलाके में तलाश करने पर उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने अब पहाड़ी के खतरनाक और प्रतिबंधित हिस्सों में सर्च अभियान और तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अद्वैत की आखिरी लोकेशन मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले ईश्वर मंदिर के पास मिली थी। आशंका जताई जा रही है कि मंदिर पहुंचने के बाद वह शांताला पॉइंट की ओर गए होंगे।

शिवगंगे की भौगोलिक परिस्थितियां भी तलाशी अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। पहाड़ी क्षेत्र में ग्रेनाइट की चट्टानें, संकरे रास्ते और कई जगहों पर खड़ी चढ़ाई है। बारिश के कारण पथरीले रास्तों पर फिसलन भी बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस इस संभावना से इनकार नहीं कर रही कि अद्वैत किसी हादसे का शिकार हुए हों। हालांकि, अभी तक किसी दुर्घटना की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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जांच के दौरान पुलिस को अद्वैत के लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से कुछ ऐसी जानकारी भी मिली है जिसने मामले में आत्महत्या का एंगल जोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि लैपटॉप पर ऊंचाई से गिरने और मौत से संबंधित कुछ एआई जनरेटेड वीडियो खोजे या देखे गए थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि केवल सर्च हिस्ट्री के आधार पर आत्महत्या का निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। हादसे सहित अन्य सभी संभावनाओं की जांच जारी है।

अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर काम कर रहे थे। वह बेगुर इलाके में रहते थे और फिलहाल एक फाइनेंस कंपनी में इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे। इससे पहले वह सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में भी काम कर चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज, आखिरी लोकेशन और पहाड़ी पर मिले सामान की मदद से घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

अद्वैत अपने परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे। उनकी साल 2016 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वर्तमान में परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। बेटे के अचानक लापता होने से मां बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार बेटे की चिंता सता रही है और पुलिस को जितनी जानकारी है फिलहाल परिवार के पास भी उतनी ही जानकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में वह ज्यादा बात करने की हालत में नहीं हैं।

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पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीसीटीवी में पहाड़ी की ओर जाते दिखाई देने के बाद अद्वैत आखिर कहां गए। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उनका बैग और स्वेटर किस परिस्थिति में मिला और वह वहां तक कैसे पहुंचे इसकी भी जांच की जा रही है। पांचवें दिन भी उनका पता नहीं चलने के कारण तलाश अभियान जारी है और पुलिस हादसे से लेकर आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।