पक्षिम एशिया में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत जारी थी लेकिन इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर नए हमले कर दिए हैं। सीजफायर के बीच दूसरी बार हुए इस तरह के बड़े हमले ने दोनों देशों के बीच स्थिति को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। अमेरिकी सेना का आरोप है कि बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। हालांकि, हॉकिन्स ने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है।

ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन संघर्ष ख़त्म करने वाला कोई समझौता तत्काल होने वाला नहीं है। ईरान ने अभी तक इन नए अमेरिकी हमलों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह भी साफ़ नहीं है कि इन हमलों का अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर क्या असर पड़ेगा।

पिछले हफ़्ते के आख़िर में डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि दोनों पक्ष किसी समझौते के क़रीब हैं लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने वार्ताकारों को जल्दबाजी न करने का निर्देश दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि संभव है कि सोमवार तक कोई समझौता हो जाए। बता दें कि अमेरिका और ईरान की सेनाएं आठ अप्रैल से युद्धविराम का पालन कर रही हैं। ईरान ने होर्मुज से गुज़रने वाले समुद्री व्यापार पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है जबकि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की कोशिश कर रही है।