श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण परियोजना प्रोजेक्ट चीता को एक बड़ी सफलता मिली है। पार्क की चर्चित मादा चीता ज्वाला ने रविवार 8 मार्च को एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। इन नए शावकों के जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण और उत्साहजनक बताया है।

ज्वाला मूल रूप से अफ्रीकी देश नामीबिया से भारत लाई गई थी। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए आठ नामीबियाई चीतों के समूह में वह भी शामिल थी। उस समय उसका नाम सियाया था। हालांकि, बाद में इसे बदलकर ज्वाला कर दिया गया था। कूनो पहुंचने के बाद ज्वाला ने स्थानीय परिस्थितियों के साथ तेजी से खुद को अनुकूलित किया और अब उसे पार्क की सबसे सफल मादा चीताओं में गिना जाता है।

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ज्वाला पहले भी दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। मार्च 2023 में उसने पहली बार चार शावकों को जन्म दिया था। हालांकि, उनमें से केवल एक शावक ही जीवित रह सका था। इसके बाद जनवरी 2024 में उसने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया था। अब तीसरी बार पांच शावकों के जन्म से कूनो में चीतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार ज्वाला की मेटिंग कूनो के खुले जंगल में स्वाभाविक रूप से हुई थी। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि चीते अब कूनो के प्राकृतिक वातावरण के साथ पूरी तरह सामंजस्य बैठा चुके हैं और यहां उनका प्रजनन भी सामान्य रूप से हो रहा है।

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ज्वाला के पहले जन्मे शावकों से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी भी सामने आई थी। 2023 में जन्मे उसके शावकों में से एक मादा शावक मुखी बेहद कमजोर थी। हालांकि, वन विभाग की देखरेख और विशेष निगरानी के कारण वह जीवित बच गई और अब कूनो की पहचान बन चुकी है। फिलहाल वन विभाग की टीम ज्वाला और उसके पांचों नवजात शावकों की लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी शावक और उनकी मां स्वस्थ हैं। कूनो में चीतों का लगातार सफल प्रजनन प्रोजेक्ट चीता के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।