ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराध के दो बड़े मामले सामने आए हैं। ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी और जियो फाइबर कर्मचारी बताकर अलग-अलग तरीकों से लोगों के खातों से कुल 9 लाख 57 हजार से अधिक रुपये निकाल लिए। दोनों घटनाएं हाल के दिनों में हुई हैं। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला बीएसएफ कंपोजिट अस्पताल में तैनात उपनिरीक्षक शिरीष शुक्ला से जुड़ा है। बीते 13 अप्रैल की शाम वे सिटी सेंटर इलाके में मौजूद थे। तभी उनके मोबाइल पर अचानक कई ओटीपी आने लगे। उन्होंने किसी के साथ ओटीपी साझा नहीं किया। इसके बावजूद कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 7 लाख 12 हजार 510 रुपये निकल गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि ठगों ने किसी तकनीकी तरीके से उनके मोबाइल को हैक कर ट्रांजैक्शन अंजाम दिया। घटना का पता चलते ही उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और बैंक को सूचित कर अपना खाता ब्लॉक कराया।
दूसरी घटना महाराजपुरा थाना क्षेत्र की है। यहां रिटायर्ड शिक्षक दिनेश कुमार हरदेवलिया को निशाना बनाया गया। उन्हें एक कॉल आया था जिसमें कॉलर ने खुद को जियो फाइबर का कर्मचारी बताया और अकाउंट अपडेट करने की बात कही थी। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया वैसे ही उनका मोबाइल एक्सेस हो गया और कुछ ही देर में उनके खाते से 2 लाख 45 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी से जुड़े संदेशों को नजरअंदाज करें। साथ ही उन्होंने कहा है कि किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।