मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिला मुख्यालय में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को पुलिस ने एक युवती की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। युवती ने उन पर शादी का वादा कर शारीरिक शोषण करने, बलात्कार करने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोप लगाए हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 69, 351(1), 351(3) और 225 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी अधिकारी को बुधवार देर रात गिरफ्तार किया गया। जबकि, गुरुवार को मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की गई।
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदय भान यादव के अनुसार, पीड़िता ने 3 जून की रात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसकी पहचान अरविंद माहौर से फेसबुक के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे फोन कॉल्स तक पहुंची और इसी दौरान माहौर ने उससे विवाह करने का प्रस्ताव रखा। युवती का कहना है कि शादी के भरोसे पर उसने उन पर विश्वास किया।
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शिकायत के मुताबिक, 30 मार्च 2025 को माहौर उसे घर के पास से अपनी कार में बैठाकर मुरैना स्थित रेस्ट हाउस ले गए। वहां उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाए गए। इसके बाद वह उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाते रहे। पीड़िता का आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम रहते हुए सबलगढ़ के सरकारी आवास और ग्वालियर स्थित फ्लैट में भी उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए। युवती का दावा है कि यह सिलसिला 30 मार्च 2025 से लेकर 3 जून 2026 तक चलता रहा।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि अब अरविंद माहौर विवाह करने से पीछे हट गए हैं। साथ ही शिकायत करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गई। एफआईआर में माहौर की महिला मित्र डॉली गायक का भी उल्लेख किया गया है। युवती का कहना है कि डॉली ने उस पर समझौते का दबाव बनाया और शिकायत वापस न लेने पर जान से मरवाने की धमकी दी।
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गिरफ्तारी के बाद अरविंद माहौर की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। जिसके चलते तड़के करीब चार बजे उनका उपचार कराया गया। इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। अदालत में पेशी के लिए ले जाते समय मीडिया से बातचीत में अरविंद माहौर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि युवती ने केवल एफआईआर दर्ज कराई है और अभी तक कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। उन्होंने विस्तृत प्रतिक्रिया बाद में देने की बात कही।
अरविंद माहौर इससे पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं। बीते साल 2025 में एक छात्रा ने उन पर देर रात फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पीड़िता का परिवार जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचा था। उसी साल महिलाओं के प्रति कथित गलत आचरण और दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चंबल कमिश्नर को उनके निलंबन के निर्देश दिए थे।
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इसके अलावा माहौर का नाम अन्य विवादों में भी सामने आ चुका है। एक निजी होटल में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के दौरान उन्होंने कथित तौर पर एक गार्ड को थप्पड़ मार दिया था। जिसकी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, सबलगढ़ में एसडीएम रहते हुए जनसुनवाई के दौरान एक ग्रामीण के साथ कथित बदसलूकी और थप्पड़ मारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।