पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत रैपुरा तहसील के ग्राम बम्होरी में पिछले एक सप्ताह से एक खतरनाक बीमारी फैल गई है। इस संदिग्ध बीमारी की चपेट में आकर पांच ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। जबकि सैंकड़ों ग्रामीणों का स्वास्थ्य खराब है। गांव में अधिकांश लोग सर्दी, जुखाम, बुखार उल्टी दस्त से ग्रसित हो चुके हैं।
सरपंच पति चंदू आदिवासी ने बताया कि अब तक कई दर्जन लोग बीमार पड़ चुके हैं। जिनमें 5 लोगों की संदिग्ध मौत भी हो चुकी है। मृतकों में सेवक (32), राधाबाई (30), कंछेदी (45), मंसो (16) और मुन्नीबाई (60) शामिल है। जानकारी देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गुरुवार शाम तक नहीं पहुंची।
शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों का उपचार शुरू किया है। करीब 2 हजार आबादी वाले इस गांव में 600 घर और 1400 वोटर्स हैं। यहां अधिकांश आदिवासी और कुशवाहा समाज के लोग रहते हैं। सरपंच चंदू आदिवासी का छह वर्षीय बेटा भी उल्टी-दस्त से पीड़ित है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी मोहल्ले में ऐसा कोई घर नहीं बचा, जहां कोई बीमार न हो। गांव में सभी लोग कुएं का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। अचानक बीमारी फैलने से पूरा गांव दहशत में है। वहीं लो वोल्टेज होने की वजह से पंखे नहीं चलते, जिससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
मामले पर पवई बीएमओ डॉ. प्रशांत भदौरिया ने बताया कि गांव में कुल पांच मौतें हुई हैं, जिनमें से दो मौतें उल्टी-दस्त से और बाकी तीन अन्य बीमारियों से हुई हैं। अब तक 16 मरीजों की पहचान हुई है। इनमें से दो को पवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छह को हटा और चार को पटेरा जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बाकी को हरदुआ अस्पताल में इलाज मिल रहा है। गांव के जलस्रोतों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और टीम शुक्रवार सुबह से गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।