बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की आमला विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता चैतराम मानेकर का रविवार 1 नवंबर को निधन हो गया। उन्होंने सुबह 7:30 बजे भोपाल स्थित ऐम्स हॉस्पिटल में 80 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। वे पिछले दो महीने से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से बैतूल के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।
चैतराम मानेकर आमला विधानसभा क्षेत्र का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके थे। उन्होंने 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। विधानसभा में उनका कार्यकाल साल 2008 से 2018 तक रहा था। क्षेत्र की राजनीति में पंचायत स्तर से शुरुआत कर विधायक तक पहुंचने वाले नेताओं में उनकी पहचान थी।
चैतराम मानेकर ने साल 2008 के विधानसभा चुनाव में 30,546 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2013 के चुनाव में भी उन्होंने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी और 39,602 मतों के बड़े अंतर से चुनाव जीता था। उनकी यह जीत उस समय प्रदेश में बड़े अंतर से जीतने वाले उम्मीदवारों में शामिल थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आमला सीट से उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। पार्टी ने उनकी जगह डॉ. योगेश पंडाग्रे को टिकट दिया था।
मानेकर का राजनीतिक जीवन स्थानीय निकायों से शुरू हुआ था। वे साल 1970 से 1975 तक उमरिया ग्राम पंचायत में पंच रहे थे। इसके बाद 1975 से 1980 तक उन्होंने उपसरपंच की जिम्मेदारी संभाली। स्थानीय स्तर पर काम करने के बाद वे जिला पंचायत की राजनीति में पहुंचे और 1994 से 1999 तक जिला पंचायत बैतूल के सदस्य रहे थे।
पंचायत और जिला पंचायत में काम करने के बाद उन्होंने विधानसभा चुनावों में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाई। साल 2008 में पहली बार विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल के दौरान बड़े मतों के अंतर से जीतने वाले विधायकों में भी उनका नाम गिना जाता था।
परिजनों के अनुसार, चैतराम मानेकर की अंतिम यात्रा सोमवार 2 नवंबर को सुबह 10 बजे बैतूल की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित उनके निवास से निकाली जाएगी। उनका निवास एलआईजी 33 गंज में है। अंतिम यात्रा के बाद गंज मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मानेकर के निधन पर भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शोक जताया है। उनके जाने को बैतूल की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। चैतराम मानेकर के परिवार में उनके तीन पुत्र कैलास मानेकर, हरीश मानेकर और हर्षदीप मानेकर हैं। उनकी चार पुत्रियां पुष्पलता गुलबाके, कीर्ति नागले, प्रीति आठनकर और यशस्वी नागले हैं।