राजगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' को आपार जनसमर्थन मिल रहा है। यात्रा के राजगढ़ पहुंचने पर शुक्रवार को नगर में भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने यात्रा का अभिनंदन किया। शनिवार सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिग्विजय सिंह ने मां जालपा देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद यात्रा राजगढ़ से कालीपीठ के लिए रवाना हुई।

यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपनी पत्नी श्रीमती अमृता राय के साथ नेवज नदी पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और चुनरी अर्पित की। इस दौरान उन्होंने नदी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए पूजन किया। नेवज नदी के तट पर पूजा-अर्चना के बाद यात्रा आगे बढ़ी और तँवर समाज के श्री राम देवरा जी मंदिर परिसर पहुंची। यहां दोपहर में भोजन एवं विश्राम का कार्यक्रम रखा गया है। पूर्व विधायक श्री बापूसिंह तँवर एवं समस्त तँवर समाज की ओर से यात्रा का स्वागत एवं आतिथ्य किया गया। 

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, सदाचार, करुणा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के पारदर्शी उपयोग की मांग उठाना है। दिग्विजय सिंह इस यात्रा के माध्यम से चंदा चोरी और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर निष्पक्ष जांच एवं जवाबदेही की मांग भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर और धार्मिक स्थल हमारी आस्था के केंद्र हैं तथा श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह यात्रा किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और धार्मिक आस्था के सम्मान के उद्देश्य से निकाली जा रही है।

दोपहर के भोजन एवं विश्राम के बाद यात्रा ने दूसरे चरण में ग्राम दफ्तरी, ग्राम कलीखेड़ा और टांड़ी कला जोड़ होते हुए ग्राम हिरणखेड़ा का रुख किया। यहां से पदयात्रा कालीपीठ पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। कालीपीठ स्थित श्री हनुमान मंदिर में दिग्विजय सिंह ने आरती एवं पूजा-अर्चना की। इसके बाद शाम को पदयात्रा का विश्राम हुआ। यात्रा के रात्रि भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था श्री बाल गोपाल विद्या मंदिर स्कूल में की गई है। जिला कांग्रेस कमेटी राजगढ़ के उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह कीलखेड़ा सहित स्थानीय लोगों ने यात्रा की अगवानी और स्वागत में सहभागिता की। 

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर शुरू हुई यह यात्रा करीब 930 किलोमीटर की दूरी तय कर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचेगी। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजर रही इस पदयात्रा में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, संतों और श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिल रही है। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह लोगों से संवाद कर सत्य, सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता का संदेश दे रहे हैं। शनिवार को यात्रा का रात्रि विश्राम राजगढ़ जिले के ग्राम कालीपीठ में होगा।