इंदौर। खाद्य तेलों में मिलावट और गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बुधवार को इंदौर में विशेष अभियान चलाया। इसके तहत शहर के मल्हारगंज और सियागंज में कार्रवाई की गई। टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य तेल के 11 नमूने लिए। वहीं, मल्हारगंज के एक गोदाम में जरूरी खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिलने पर करीब 10,500 लीटर खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान लिए गए सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य तेलों की गुणवत्ता और संभावित मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, 9 यात्री जिंदा जले

अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सबसे पहले श्री श्याम एंड श्याम ऑयल्स प्राइवेट लिमिटेड, मल्हारगंज स्थित गोदाम का निरीक्षण किया। वहां अलग-अलग पैकिंग साइज में सोना सिक्का ब्रांड मूंगफली तेल और कच्ची घानी मस्टर्ड ऑयल उपलब्ध मिला। अधिकारियों ने दोनों तरह के तेलों के कुल 9 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।

निरीक्षण के दौरान गोदाम में आवश्यक खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया। इसी कार्रवाई के दौरान करीब 10,500 लीटर खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया गया। विभाग के अनुसार, जब्त माल की अनुमानित कीमत लगभग 21 लाख रुपये है।

यह भी पढ़ें:इलाज न मिलने से ग्वालियर जिला अस्पताल में बुजुर्ग की मौत, अस्पताल के फर्श पर ही हुई मौत

इसके बाद टीम ने शंकर महादेव ट्रेडर्स, सियागंज का निरीक्षण किया। वहां से प्रीमियम रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल और गुलाब कोल्ड प्रेस्ड ग्राउंडनट ऑयल के एक-एक नमूने लिए गए। इस तरह मल्हारगंज और सियागंज की कार्रवाई में कुल 11 सैंपल जांच के लिए लिए गए।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन का यह अभियान मध्यप्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से इंदौर पहुंचने वाले खाद्य तेलों की गुणवत्ता की निगरानी और मिलावट की रोकथाम पर केंद्रित है। कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन तथा कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में की जा रही है।

यह भी पढ़ें:BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, बिप्लब देव बने MP के प्रभारी, संजय भाटिया को मिली राजस्थान की कमान

अब विभाग को प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में यदि खाद्य तेल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए जाते हैं या किसी तरह की मिलावट सामने आती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।