भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित “सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा” का 20 से 30 अक्टूबर 2026 तक का विस्तृत यात्रा मार्ग निर्धारित कर दिया गया है। यह पदयात्रा 20 अक्टूबर को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से प्रारंभ होकर ओरछा होते हुए भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या तक जाएगी।

सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, सदाचार एवं स्वाभिमान के प्रति जनजागरण तथा धार्मिक स्थलों में चंदे, चढ़ावे, निर्माण कार्यों और मंदिरों की संपत्तियों से जुड़ी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शिता की मांग इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्य हैं। इसके साथ ही लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था एवं नागरिकों के मताधिकार के संरक्षण का संदेश भी यात्रा के माध्यम से दिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी की पदयात्रा का 20 से 30 अक्टूबर तक का मार्ग निर्धारित, उज्जैन, देवास, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों के विभिन्न गांवों और नगरों से होकर गुजरेगी यात्रा। यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री दिग्विजय सिंह जी विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, किसानों, श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे।

20 से 30 अक्टूबर तक यात्रा का दिनवार मार्ग एवं कार्यक्रम

20 अक्टूबर, मंगलवार — उज्जैन से पदयात्रा का शुभारंभ

यात्रा के प्रथम दिन श्री दिग्विजय सिंह जी उज्जैन स्थित श्री चिंतामण गणेश मंदिर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके पश्चात नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में असंख्य पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर कन्या भोज एवं भंडारा प्रसादी का भी आयोजन होगा।

द्वितीय सत्र में बालाजी गार्डन से पदयात्रा प्रारंभ होकर बड़ा गणेश मंदिर, श्री महाकालेश्वर मंदिर चौराहा, पटनी बाज़ार, गोपाल मंदिर चौराहा, कमरी मार्ग चौराहा, टंकी चौराहा, मिर्ज़ा नईम बेग मार्ग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल, निजातपुरा, कोयला फाटक, नगर निगम के सामने गाड़ी अड्डा चौराहा, दरगाह मंडी एवं कानीपुरा होते हुए तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी पहुंचेगी।

इस दिन लगभग 7.5 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम श्री साईं कुंज कॉलोनी, तराना रोड, उज्जैन में निर्धारित है।

21 अक्टूबर, बुधवार — उज्जैन से देवास जिले के सिंदुरिया तक

दूसरे दिन पदयात्रा श्री साईं कुंज कॉलोनी से प्रारंभ होकर पिंगलेश्वर जोड़, नाहरिया जोड़, सायराखेड़ी, देवनखेड़ी, ताजपुर जोड़, गुनाई खालसा, रुदाहेड़ा एवं राधा स्वामी सत्संग न्यास होते हुए सिंदुरिया गांव पहुंचेगी। 

ताजपुर जोड़ पर दोपहर भोजन एवं विश्राम निर्धारित है। लगभग 16.5 किलोमीटर की पदयात्रा के पश्चात ग्राम सिंदुरिया, जिला देवास में श्री ओंकार सिंह जी के निवास पर रात्रि भोजन एवं विश्राम होगा।

22 अक्टूबर, गुरुवार — सिंदुरिया से तराना

तीसरे दिन पदयात्रा ग्राम सिंदुरिया से प्रारंभ होकर खजूरिया परमार, जावसिया गोयल पेट्रोल पंप, काबलीखेड़ा जोड़, यूनिवर्सल एकेडमी स्कूल, स्वास्तिक मैरिज गार्डन होते हुए कलश मैरिज गार्डन, तराना नगर पहुंचेगी।

इस दिन लगभग 15 किलोमीटर पदयात्रा निर्धारित है। रात्रि भोजन एवं विश्राम कलश मैरिज गार्डन, तराना, जिला उज्जैन में होगा।

23 अक्टूबर, शुक्रवार — तराना से देवाखेड़ा-जुनापानी जोड़

चौथे दिन यात्रा तराना से प्रारंभ होकर आईटीआई कॉलेज, तराना-सिद्धपुर रोड, सिद्धपुर-निपानिया ग्राम, शंकरपुर जोड़ एवं कनार्दी-गुठलाई जोड़ होते हुए देवाखेड़ा-जुनापानी जोड़ पहुंचेगी।

इस दिन लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम देवाखेड़ा-जुनापानी जोड़, जिला उज्जैन में निर्धारित है।

24 अक्टूबर, शनिवार — देवाखेड़ा से शाजापुर

पांचवें दिन पदयात्रा देवाखेड़ा-जुनापानी जोड़ से प्रारंभ होकर बैरछी गांव, करेड़ी माताजी मंदिर, जादमी, भदौनी एवं दुपाड़ा जोड़ होते हुए मल्हार गार्डन, दुपाड़ा रोड, शाजापुर पहुंचेगी।

करेड़ी माताजी मंदिर पर दर्शन-पूजन एवं दोपहर भोजन के पश्चात पदयात्रा आगे बढ़ेगी।

इस दिन लगभग 16 किलोमीटर की पदयात्रा निर्धारित है। शाम को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय कबीर भजन गायक श्री प्रहलाद टिपानिया जी की भजन संध्या का विशेष आयोजन होगा।

रात्रि भोजन एवं विश्राम मल्हार गार्डन, दुपाड़ा रोड, शाजापुर में रहेगा।

25 अक्टूबर, रविवार — शाजापुर से पनवाड़ी

छठवें दिन यात्रा का प्रारंभ शाजापुर स्थित श्री राजराजेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ होगा। इसके बाद पदयात्रा महेंद्र सिंह सेंगर फार्म हाउस, श्री हनुमान मंदिर सात इमली, अशोक लीलैंड शोरूम एवं अभयपुर स्थित श्री हनुमान मंदिर होते हुए पनवाड़ी गांव पहुंचेगी।

इस दौरान श्री हनुमान मंदिर सात इमली पर किसान संवाद तथा पनवाड़ी में धर्मसभा आयोजित की जाएगी।

इस दिन लगभग 16 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम वाटर पार्क, ए.बी. रोड, जिला शाजापुर में निर्धारित है।

26 अक्टूबर, सोमवार — शाजापुर से सारंगपुर

सातवें दिन पदयात्रा वाटर पार्क, ए.बी. रोड से प्रारंभ होकर उकावता बल्डी एवं कशिश रेस्टोरेंट होते हुए राजगढ़ जिले के सारंगपुर नगर पहुंचेगी।

सारंगपुर नगर एवं बस स्टैंड क्षेत्र से होते हुए इस दिन लगभग 13 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम राठी मांगलिक परिसर, सारंगपुर, जिला राजगढ़ में रहेगा।

27 अक्टूबर, मंगलवार — सारंगपुर से गुलावता

आठवें दिन यात्रा सारंगपुर से प्रारंभ होकर तारागंज कॉलेज के सामने से धनौरा गांव स्थित शिव मंदिर पहुंचेगी। यहां दोपहर भोजन एवं विश्राम के बाद पदयात्रा शिमला होटल, राजपूत होटल, मऊ गांव तथा तुकोगंज होते हुए गुलावता गांव पहुंचेगी।

इस दिन लगभग 16 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, ग्राम गुलावता, जिला राजगढ़ में निर्धारित है।

28 अक्टूबर, बुधवार — गुलावता में कबीर आश्रम का लोकार्पण, खुजनेर तक यात्रा

नौवें दिन ग्राम गुलावता में कबीर आश्रम का लोकार्पण किया जाएगा। इसके पश्चात श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर से पदयात्रा प्रारंभ होकर शेरपुरा, ईचावड़ा, शंकर नगर, भैंसवा माता मंदिर जोड़, धामंदा एवं आमला गांव स्थित श्री हनुमान जी धाम मंदिर पहुंचेगी।

इसके बाद चिड़लावनिया गांव तक लगभग 15.2 किलोमीटर की पदयात्रा निर्धारित है। वहां से खुजनेर नगर तक वाहन द्वारा पहुंचने का कार्यक्रम है।

रात्रि भोजन एवं विश्राम मेड़तवाल वैश्य समाज धर्मशाला, खुजनेर, जिला राजगढ़ में निर्धारित है।

29 अक्टूबर, गुरुवार — खुजनेर से करेड़ी

दसवें दिन पदयात्रा खुजनेर से प्रारंभ होकर चौंडापुरा, मवासा जोड़, खीमाखेड़ी, लिम्बोदा, चाटूखेड़ा-कलपोनी-चौंसला जोड़, गुराड़िया एवं खजूरी गांव होते हुए करेड़ी पहुंचेगी।

इस दिन लगभग 16.5 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम श्री मनकामनेश्वर परिसर, ग्राम करेड़ी, जिला राजगढ़ में रहेगा।

30 अक्टूबर, शुक्रवार — करेड़ी से राजगढ़ नगर

ग्यारहवें दिन यात्रा श्री मनकामनेश्वर परिसर, करेड़ी से प्रारंभ होकर नाना गांव, कुंडीबेव-राजपुरा, बरखेड़ा, मोतीपुरा सोंधिया, जुगलपुरा एवं खुजनेर चौराहा होते हुए राजगढ़ बस स्टैंड पहुंचेगी।

बरखेड़ा गांव में स्वर्गीय श्री शिव सिंह जी के निवास पर दोपहर भोजन एवं विश्राम निर्धारित है।

इस दिन लगभग 13.5 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। रात्रि भोजन एवं विश्राम संस्कृति मैरिज गार्डन, राजगढ़ में निर्धारित है।

यात्रा के दौरान जनसंवाद एवं धार्मिक आयोजनों पर विशेष जोर

“सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा” केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, पारदर्शिता, सामाजिक सद्भाव एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरण का अभियान है।

यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर मंदिरों में दर्शन-पूजन, पार्थिव शिवलिंग अनुष्ठान, किसान संवाद, धर्मसभाएं, कबीर भजन एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से सनातन धर्म के मूल आदर्शों तथा संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

यात्रा के आयोजकों ने उज्जैन, देवास, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, श्रद्धालुओं, किसानों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में पदयात्रा का स्वागत करने तथा इसमें सहभागी बनने की अपील की है।