मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मिलावटी और नकली दूध पर लगाम नहीं लग पा रही है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय से लगे जगतपुर गांव में छापा मारकर सिंथेटिक दूध बनाने का खुलासा किया है। यहां रिफाइंड ऑयल और आरएम केमिकल की मदद से नकली क्रीम तैयार कर दूध में मिलाया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि यह जहरीला दूध पिछले दो साल से मुरैना की नामचीन हाकिम डेयरी को सप्लाई किया जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुख्यालय अधिकारी अवनीश गुप्ता को सूचना मिली थी कि जगतपुर गांव में केमिकल से दूध तैयार कर शहर में खपाया जा रहा है। इस पर गुरुवार सुबह करीब सात बजे अवनीश गुप्ता और अनिल परिहार की टीम ने अशोक कुशवाह के घर पर दबिश दी। मौके पर एक नीले ड्रम में करीब 40 लीटर सपरेटा दूध रखा मिला जिसमें कर्मचारी रिफाइंड ऑयल मिलाकर दूध की चिकनाहट बढ़ा रहे थे। वहीं, दूध को गाढ़ा करने के लिए आरएम केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पूछताछ में आरोपी अशोक कुशवाह ने स्वीकार किया कि वह रोजाना गांव के पशुपालकों से करीब 300 लीटर दूध खरीदता था। इसके अलावा वह अपने घर पर केमिकल और रिफाइंड ऑयल की मदद से 50 से 60 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार करता था। अधिक मुनाफा कमाने के लिए इस नकली दूध को असली दूध में मिलाकर हर दिन 350 से 400 लीटर दूध का कारोबार करता था।

शुरुआत में अशोक कुशवाह ने दावा किया कि वह नोवा फैक्ट्री के चिलिंग सेंटर पर दूध की सप्लाई करता है लेकिन नोवा प्लांट के कर्मचारियों से पूछताछ में यह दावा गलत निकला। इसके बाद उसने माना कि वह पूरा दूध मुरैना स्थित हाकिम डेयरी को 50 रुपये प्रति लीटर के भाव से बेचता था।

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सपरेटा दूध, तैयार मिलावटी दूध, रिफाइंड ऑयल और आरएम केमिकल सहित कुल पांच सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। घर में संचालित इस अवैध डेयरी में एक-एक टिन रिफाइंड ऑयल और आरएम केमिकल गर्म हालत में भी पाया गया जिससे सिंथेटिक दूध बनाने की पुष्टि हुई।

दूसरी तरफ दीपावली के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच रिपोर्ट भी आनी शुरू हो गई है। जनवरी में भोपाल लैब से आई रिपोर्ट में मुरैना जिले के सात सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें जौरा के संजूपाल दुर्गापुरी की दुकान के बूंदी के लड्डू, राधेश्याम मिष्ठान भंडार के बेसन लड्डू, अंबाह-रानपुर के लक्ष्य इंटरप्राइजेज का मिल्क केक, दत्तपुरा मुरैना के कामेश अग्रवाल की दुकान का जीरा, बानमोर के सोनू इंडस्ट्रीज का रिफाइंड ऑयल, सब्जी मंडी स्थित यादव मसाला सेंटर की लाल मिर्च पाउडर और बैरियर चौराहा के सांवरिया मिष्ठान भंडार के चूरमा लड्डू शामिल हैं जो जांच में मिलावटी और अमानक निकले।

मिलावटखोरों पर प्रशासन की सख्ती भी सामने आई है। मुरैना अपर कलेक्टर कार्यालय ने 16 जनवरी को थोक में जुर्माने की कार्रवाई की। 2020 से 2024 के बीच खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज करीब आधा सैकड़ा मामलों में से 32 मामलों में फैसला सुनाया गया। अपर कलेक्टर अश्विनी रावत की अदालत ने इन 32 मिलावटखोरों पर कुल 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषियों में किराना दुकानदार, डेयरी संचालक और तेल मिल संचालक शामिल हैं। इन पर दो लाख से लेकर नौ लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही सभी को तीन फरवरी को न्यायालय में पेश होने के आदेश भी जारी किए गए हैं।