भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की जिला कमेटियों की लिस्ट घोषित होने के साथ ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। भोपाल की जिला कांग्रेस कमेटी पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सवाल खडे़ किए हैं तो वहीं रतलाम की जिला कांग्रेस कमेटी में एक-एक व्यक्ति को तीन-चार पद देने का विरोध करने पर दो कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके विरुद्ध वे दोनों धरने पर बैठ गए हैं।

कांग्रेस के दोनों कार्यकर्ता रतलाम से तीन सौ किलोमीटर पैदल चलकर आठ दिन का सफर तय कर भोपाल पहुंचे और पीसीसी यानी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इनमें संजय रावल और गौरव पोरवाल शामिल हैं।

रावल ने बताया कि वे दोनों पैदल यात्रा करते हुए रतलाम से भोपाल आए हैं। उन्हें संगठन महासचिव द्वारा निष्कासित किया गया है जबकि उसके पास ऐसा कोई पावर नहीं हैं कि वो हमें निष्कासित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय के सामने धरने पर बैठे होने के बावजूद जीतू पटवारी उनसे बिना बातचीत किए ही चले गए।

वहीं, गौरव पोरवाल ने कहा कि हम तीन सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए भोपाल आए हैं। हम इसलिए आए हैं क्योंकि अभी रतलाम की जिला कार्यकारिणी बनी थी तो किसी को तीन पद दे दिए, किसी को चार पद दे दिए तो हमने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से जिला अध्यक्ष जी को मैसेज पहुंचाया था कि आप संगठन में एक व्यक्ति को तीन चार पद दे रहे हैं तो ये शोभा नहीं देता।

गौरव ने बताया कि 4 जून को नामली में वे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पास गए थे। उनसे बात की तो उन्होंने हमें गले लगाया और साथ में बिठाकर लेकर गए थे। उसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी को प्रदेश अध्यक्ष से मिलना इतना बुरा लगा कि हमें पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती वह भोपाल में ही डटे रहेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे दिल्ली तक भी पदयात्रा कर राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।