अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को मंगलवार को प्रस्तावित मंदिर ट्रस्ट कार्यालय घेराव और प्रभु श्रीराम के दर्शन पूजन कार्यक्रम से पहले सोमवार देर रात अयोध्या के एक होटल में पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें हिरासत में लिया गया। जबकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है। दूसरी ओर मामले की जांच के बीच राम मंदिर में पिछले 17 सालों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है।

कांग्रेस के मुताबिक, अजय राय अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चढ़ावा चोरी के विरोध में अयोध्या पहुंचे थे और मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने वाले थे। इसी दौरान सोमवार रात करीब 12 बजे पुलिस ने उन्हें होटल में रोक दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अजय राय ने दावा किया कि होटल से उन्हें पुलिस जीप में ले जाया गया। वीडियो में पुलिस अधिकारी होटल के भीतर मौजूद दिखाई देते हैं और अजय राय उनसे बातचीत करते नजर आते हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राम मंदिर से जुड़े जमीन और चढ़ावा मामलों पर उठ रहे सवालों से बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों को भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन से रोकना आस्था पर पहरा लगाने जैसा है।

इस बीच वाराणसी से जारी एक वीडियो संदेश में अजय राय की पत्नी रीना राय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति की आवाज दबाने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उनका कहना था कि पुलिस द्वारा ले जाने के बाद सहयोगियों को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अजय राय के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

जांच के दायरे का विस्तार करते हुए राम मंदिर में 17 सालों से कार्यरत रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) ने उनकी भूमिका की भी जांच शुरू की है। मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी उनके जिम्मे थी। इसके अलावा मंदिर परिसर में स्थापित लगभग 1600 सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग भी वही देखते थे।

जानकारों का कहना है कि SIT की रिपोर्ट में अर्जुन देव की 2009 से लगातार अयोध्या में तैनाती और मंदिर ट्रस्ट के कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका का उल्लेख किया गया है। रामलला के टेंट में विराजमान रहने के समय से ही वे सीसीटीवी व्यवस्था संभाल रहे थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश जारी हुए लेकिन हर बार वे निरस्त हो गए। हाल ही में लखनऊ स्थानांतरण का आदेश भी वापस ले लिया गया था।

जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पुलिस ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जानकारी के अनुसार, उनसे चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया, चोरी की जानकारी पहली बार कब मिली और उसके बाद उठाए गए कदमों को लेकर सवाल किए गए। बताया जा रहा है कि कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके।

सोमवार को पुलिस ने अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा पहुंचकर जेल में बंद आठ आरोपियों के बैंक खातों की जांच की। पुलिस ने मंदिर में नौकरी के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला। साथ ही बैंक के दो कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया क्योंकि उनकी ड्यूटी चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया में लगी हुई थी।

इस मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सोमवार को 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई। अब अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। वहीं, पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित मंदिर ट्रस्ट की बैठक अब 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार ने SIT से अंतिम जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया था। जांच रिपोर्ट 23 जून को अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई थी। 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई। जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को नामजद किया गया। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए। शिकायत दर्ज होने के कुछ घंटे के भीतर ही पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 26 जून को अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। इसी दिन चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। 

जांच के सिलसिले में 28 जून को पुलिस की आठ टीमों ने आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की थी। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से निवेश और खरीद से जुड़े दस्तावेज, नकदी तथा आभूषण बरामद किए गए। वहीं, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से एक डायरी मिली जिसे पुलिस जांच का अहम सुराग मान रही है। पुलिस का मानना है कि इस डायरी से कथित चढ़ावा चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।