नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र बुधवार 28 जनवरी से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जॉइंट सेशन को संबोधन से हुई। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकार देश में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है।
बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 'संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछला वर्ष भारत की तीव्र प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा... पूरे देश में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। नागरिक बंकिम चंद्र चटर्जी को उनकी इस महान प्रेरणा के लिए नमन कर रहे हैं। मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।'
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय सेना ने आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया। मिशन सुदर्शन चक्र पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 10 साल में 4 करोड़ गरीबों के लिए पक्के घर बनाए गए हैं। चावल उत्पादन में भारत ने सबको पछाड़ा दिया है। मछली उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर आ गया है। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत ने काफी तरक्की की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व आज कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे समीकरण भी बदल रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच भी भारत तेजी से विकास की राह पर बढ़ रहा है। इसके पीछे दूरगामी विदेश नीति की भूमिका है। भारत पर दुनिया के देश भरोसा व्यक्त करते हैं। भारत सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है। पुराने संबंधों को मजबूती देते हुए नए संबंध भी विकसित किए हैं। ग्लोबल पॉलिटिक्स का अंतिम ध्येय मानवता की सेवा होनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने स्पीच में VB-जी राम जी कानून का जिक्र किया। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया और कानून वापस लो के नारे लगे। बता दें कि बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। यह दो हिस्सों में होगा। पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।