इंदौर। मध्य प्रदेश में गैस (LPG) का संकट गहराता जा रहा है। पांच दिनों से प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट्स को कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिल पाई है। शहरों में स्टूडेंट्स के हॉस्टल और मेस भी बंद हो गए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि राजधानी भोपाल से लेकर छिंदवाड़ा तक हाहाकार मचा है। कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं, तो कहीं मशहूर फूड आउटलेट्स पर चूल्हों और भट्ठियों का सहारा लिया जा रहा है।
LPG संकट को लेकर शनिवार को इंदौर में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने की समस्या को लेकर इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन 14 मार्च को दोपहर में कलेक्टर शिवम वर्मा के नाम दिया गया। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और ब्लॉक अध्यक्ष शेलू सैन ने बताया कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है। कई गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई घरों में खाना तक नहीं बन पा रहा है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से छोटे व्यापारियों के सामने रोजी‑रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। उन्होंने कहा कि यह शासन‑प्रशासन की खोखली घोषणाएं हैं, जिनसे शहर में गंभीर संकट की स्थिति बन गई है।
उधर, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के बीच प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के 11 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में किसी प्रकार की कमी नहीं है और गैस एजेंसियों के माध्यम से सिलेंडर समय पर वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं गैस सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी या कालाबाजारी की शिकायत हो, तो इन टोल‑फ्री नंबरों पर संपर्क करें।
टोल-फ्री नंबर
* इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन: 1800‑2333‑555
* हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन: 1800‑258‑7170
* भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन: 1800‑22‑4344
उधर, राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में गैस किल्लत का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। यहां के 16 हॉस्टल मेस और मरीजों के सेंट्रलाइज्ड किचन में स्टॉक महज दो दिन का बचा है। बुकिंग पर 25 दिन की वेटिंग मिल रही है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ेगी।