बड़वानी। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बीजेपी और RSS की चौतरफा फजीहत हो रही है। इस घटना को लेकर देशभर में रामभक्तों में आक्रोश है। मामले में चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में जनहित याचिका दायर करने का ऐलान किया है।
सिंह ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में छोटे कर्मचारियों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि मास्टरमाइंड चम्पत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मध्य प्रदेश के बड़वानी में मीडिया को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, 'मैं शुरु से कहता रहा हूं कि विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस दोनों मिलकर इस देश के मठ, मंदिर और धार्मिक स्थलों पर अवैधानिक रूप से कब्जा कर रहे हैं।'
सिंह ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी संस्था बिना पंजियन के कैसे चल सकती है? RSS पर कौन सा कानून लागू होता है? उनकी सदस्यता क्यों नहीं है। वो गुरु दक्षिणा किस खाते में लेते हैं? मैंने इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी भी लिखी थी। RSS के विरुद्ध प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होना चाहिए। क्योंकि ये हमें ठग रहे हैं। राम मंदिर में हमारे चढ़ोतरी को लूट रहे हैं। इस पूरे मामले पर आरएसएस चुप है। विश्व हिंदु परिषद का भी कोई बयान नहीं आया।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले में छोटे-छोटे कर्मचारी जो 10-15 हजार रुपए तनख्वाह पाते हैं, उन्हें जेल भेज दिया गया लेकिन चंपत राय को जेल नहीं भेजा। अनिल मिश्रा को जेल नहीं भेजा जबकि यही लोग पैसा खा रहे थे। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी को जेल नहीं भेजा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं वकीलों से राय ले रहा हूं और मैं खुद जाकर इसके खिलाफ मुकदमा दायर करूंगा।
बता दें कि सोमवार को चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई। उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद चंपत राय दिल्ली चले गए। इधर, पुलिस सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के खाते खंगालने के लिए SBI की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट लिए। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी के बाद से उनके खातों में कितना पैसा आया। पुलिस ने बैंक के 2 कर्मचारियों को भी नोटिस दिया है।