नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद उठा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। इसके लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता दिल्ली कूच करेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ECI से जवाब नहीं मिलने के बाद पार्टी की ओर से बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजकर 48 मिनट पर डिजिटल माध्यम से शीर्ष अदालत में याचिक दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से फैसला किया है, इसे रद्द किया जाए।
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए इसे अत्यंत तत्काल सुनवाई योग्य मामला बताया और शीघ्र सुनवाई या अंतरिम आदेश की मांग की। अदालत ने उनकी दलीलों पर संज्ञान लेते हुए मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए नामांकन खारिज किया कि नटराजन ने लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी, जबकि वास्तव में केवल समन जारी हुआ था और मामले में अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि संज्ञान भी नहीं लिया गया था, फिर भी नामांकन खारिज कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अवैध, मनमाना और पक्षपातपूर्ण है। साथ ही नामांकन खारिज करने के आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वास्तविक कानूनी उपाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर करना है।
इससे पहले सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मामले पर आज ही सुनवाई की जरूरत है क्योंकि नामांकन वापसी के लिए दोपहर 3 बजे तक का ही समय है। इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि हमें इस याचिका की कॉपी ही नहीं दी गई है। इसे पढ़ने के लिए समय की जरूरत है। इसके जवाब में सिंघवी बोले- सुनवाई भले ही कल हो जाए लेकिन तब तक रिजल्ट घोषित न किया जाए। इसके बाद अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून पहले से तय है। याचिका को कल के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।