अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आज फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को नर्क बनाने धमकी देने के बाद ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की चेतावनी दी है।
ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बड़े हमले किए जा सकते हैं, जिसकी तैयारी अमेरिका और इजराइल ने कर ली है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के पहले चरण में 45 दिन का सीजफायर लागू किया जाएगा, जिस दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत होगी।
इस बातचीत में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। मध्यस्थों का कहना है कि अगले 48 घंटे इस डील के लिए आखिरी मौका हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर हमले की योजना तैयार कर रखी है। हालांकि, ईरान फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट और अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर कोई बड़ी रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है।
ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं।
इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की बात कही। ट्रम्प ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा यानी हमला होगा। ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोले दे, नहीं तो नरक जैसे हालात में पहुंच जाएगा।