ब्रिटेन ने धूम्रपान पर लगाम लगाने के लिए वहां की सरकार ने एक बहुत ही सख्त कदम उठाया है। ब्रिटिश संसद ने टोबैको एंड वेप्स बिल को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत 31 दिसंबर 2008 के बाद जन्मे लोग जीवनभर कानूनी तौर पर सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद सकेंगे। अब इस बिल को सिर्फ किंग चार्ल्स 3 की औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है। उनकी मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। नया नियम इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड समेत पूरे यूनाइटेड किंगडम में लागू होगा।

सरकार ने इस विधेयक को 2024 में अपनी प्रमुख स्वास्थ्य नीतियों में शामिल करते हुए पेश किया था। इसके तहत 1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल एक वर्ष बढ़ाई जाएगी। फिलहाल ब्रिटेन में सिगरेट खरीदने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है लेकिन नए कानून के लागू होने के बाद यह सीमा लगातार बढ़ती जाएगी। इसका सीधा असर यह होगा कि 2009 या उसके बाद जन्म लेने वाले लोग कभी भी कानूनी रूप से तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे।

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कानून के तहत दुकानदारों के लिए ग्राहकों की उम्र की जांच करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यापारी कम उम्र के व्यक्ति को सिगरेट बेचता पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही तंबाकू विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा और तंबाकू उत्पादों के प्रचार प्रसार तथा विज्ञापन पर भी सख्त प्रतिबंध रहेगा।

सरकार ने ई-सिगरेट और वेपिंग को लेकर भी कड़े प्रावधान किए हैं। स्कूलों, अस्पतालों और बच्चों के खेलने वाली जगहों पर धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कई बंद स्थानों पर वेपिंग की भी अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ कार में वेपिंग करता है तो उसे भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सरकार को ई-सिगरेट और निकोटीन उत्पादों के फ्लेवर और पैकेजिंग को नियंत्रित करने के अतिरिक्त अधिकार भी मिलेंगे। ताकि युवाओं को इन उत्पादों की ओर आकर्षित होने से रोका जा सके।

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ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने इस फैसले को पहली स्मोक फ्री पीढ़ी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि बीमारियों का इलाज करने से बेहतर है कि उन्हें शुरुआत में ही रोका जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन में हर साल 76 हजार से अधिक लोगों की मौत धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याओं के कारण होती है। वर्तमान में देश की लगभग 13 प्रतिशत आबादी यानी करीब 64 लाख लोग धूम्रपान करते हैं। हालांकि, 1970 के दशक की तुलना में धूम्रपान करने वालों की संख्या में लगभग दो तिहाई कमी आई है। इसके बावजूद सरकार का मानना है कि यह अभी भी एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बना हुआ है।

सरकार का यह भी तर्क है कि धूम्रपान की वजह से ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। इलाज पर अरबों पाउंड खर्च होते हैं और बीमारी की वजह से कार्यक्षमता प्रभावित होने से अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2024-25 में सरकार को तंबाकू से लगभग 8.8 बिलियन पाउंड का राजस्व मिला था। हालांकि, यह नियम लागू होने के बाद आने वाले सालों में घट सकता है। वहीं, अवैध तंबाकू कारोबार से पहले ही अरबों पाउंड का नुकसान हो रहा है।

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इस कानून के बाद तंबाकू कंपनियों जैसे ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको और इंपीरियल ब्रांड्स पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों को चिंता है कि यदि अन्य देश भी इसी तरह के नियम लागू करते हैं तो वैश्विक तंबाकू बाजार प्रभावित हो सकता है। इस तरह का मॉडल सबसे पहले न्यूजीलैंड ने अपनाया था। वहां दिसंबर 2022 में एक कानून पारित किया गया था जिसके तहत 2008 के बाद जन्मे लोगों को तंबाकू खरीदने से रोका गया था। हालांकि, 2024 में सरकार बदलने के बाद उस कानून को वापस ले लिया गया था।