अमेरिका। अमेरिकी नौसेना ने नॉर्थ सी में रूस का झंडा लगे एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। इस टैंकर का नाम मरीनरा बताया गया है जिसे अमेरिकी नौसेना पिछले दो हफ्तों से लगातार ट्रैक कर रही थी। अमेरिकी सेना के यूरोपीय कमान (EUCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी कर इस ऑपरेशन की पुष्टि की है। बयान के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की गई।

EUCOM ने बताया कि यह जब्ती न्याय विभाग (DOJ), गृह सुरक्षा विभाग (DHS) और रक्षा विभाग (DoD) के संयुक्त ऑपरेशन का नतीजा है। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत ऐसे प्रतिबंधित जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है जो वेस्टर्न हेमिस्फीयर की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा माने जाते हैं। ऑपरेशन का नेतृत्व DHS ने किया जबकि रक्षा विभाग ने इसमें सैन्य सहयोग दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हालात बेहद संवेदनशील बने रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की निगरानी के जवाब में मॉस्को ने भी टैंकर की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना तैनात करने की कोशिश की थी। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि जब अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने जहाज पर चढ़कर तलाशी ली तो उस वक्त आसपास कोई भी रूसी सैन्य जहाज मौजूद नहीं था। इससे अमेरिकी और रूसी सेनाओं के बीच संभावित सैन्य टकराव टल गया।

रूस के सरकारी मीडिया चैनल RT ने इस ऑपरेशन से जुड़ी दो धुंधली तस्वीरें जारी की हैं जिनमें एक हेलीकॉप्टर टैंकर की ओर बढ़ता दिख रहा है। RT ने दावा किया कि जहाज के आसपास एक सैन्य ऑपरेशन चल रहा था। वहीं, रॉयटर्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेनाएं जहाज पर चढ़ने की कोशिश कर रही थीं और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही थी।

जानकारी के मुताबिक, इस टैंकर का असली नाम Bella 1 है जिस पर अमेरिका ने साल 2024 में प्रतिबंध लगाए थे। प्रतिबंधों से बचने के लिए बाद में इसका नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया था। यह टैंकर ईरान से तेल लेकर वेनेजुएला की ओर जा रहा था जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाला मार्ग और व्यापार माना जाता है।

जब्ती से पहले कई दिनों तक इस जहाज की सख्त निगरानी की जा रही थी। टैंकर के ऊपर लगातार निगरानी विमान उड़ते देखे गए हैं जिनमें आइसलैंड स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों से उड़ान भरने वाले विमान भी शामिल थे। इस ऑपरेशन में ब्रिटेन के संसाधनों और खुफिया सहयोग की भी भूमिका बताई जा रही है।

अमेरिकी सेना इससे पहले भी ऐसे टैंकरों को रोकने की कोशिश कर चुकी है। दिसंबर में वेनेजुएला के पास एक टैंकर पर चढ़ने की अमेरिकी कोशिश को चालक दल ने कथित तौर पर नाकाम कर दिया था। ताजा कार्रवाई को अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने और रूस, ईरान व वेनेजुएला के बीच ऊर्जा व्यापार पर दबाव बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।