भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के 12 थानों में महज 30 घंटे के भीतर साइबर फ्रॉड के 34 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 29 मामले सिर्फ 17 फरवरी को दर्ज हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में साइबर अपराध के केस पहली बार सामने आए हैं। इन मामलों में शहरवासियों से कुल 1 करोड़ 53 लाख 76 हजार 531 रुपये की ठगी की गई है।
ये सभी शिकायतें ई जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत सामने आई हैं। यह एक लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामलों में लागू होती हैं। पीड़ितों ने 1930 हेल्पलाइन और एनसीआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद राज्य साइबर पुलिस ने पोर्टल पर आई शिकायतों की प्रक्रिया पूरी की और उन्हें सीसीटीएनएस सर्वर के माध्यम से ई जीरो एफआईआर में बदल दिया। स्वीकृति मिलते ही पीड़ितों को ई जीरो एफआईआर नंबर जारी किया गया जिससे वे केस की वे केस को ट्रैक कर सकें।
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शहर में सबसे बड़ी ठगी बागसेवनिया थाना क्षेत्र के साकेत नगर में सामने आई। यहां राजेश नामक व्यक्ति से 50.98 लाख रुपये ठग लिए गए। उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप फॉलो करने और निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। इसी थाना क्षेत्र में एक अन्य मामले में बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया और 12 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए।
शहर के अन्य इलाकों में भी अलग-अलग तरीकों से ठगी की घटनाएं सामने आई। कमला नगर क्षेत्र में विदेशी ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 23 लाख रुपये की ठगी की गई। हबीबगंज में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये हड़प लिए गए। पिपलानी क्षेत्र में एक महिला से 12.25 लाख रुपये ठगे गए। बागसेवनिया में बिजली बिल के नाम पर ठगी की वारदात हुई। जबकि, साकेत नगर में व्हाट्सऐप निवेश ग्रुप के जरिए सबसे बड़ा नुकसान हुआ।
पुलिस के मुताबिक, साइबर जालसाज कई नए और पुराने तरीकों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड अपडेट या केवाईसी सुधार का झांसा दिया जाता है और वॉट्सऐप या एसएमएस के जरिए लिंक भेजा जाता है। जैसे ही व्यक्ति कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी साझा करता है वैसे ही खाते से रकम निकाल ली जाती है। इसी तरह खाता वेरिफिकेशन के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड करवाई जाती है जिससे ठग मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं और बैंक ट्रांजेक्शन कर खाते खाली कर देते हैं। इसके अलावा बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर भी लिंक भेजा जाता है और बैंक डिटेल हासिल कर ली जाती है।
इन 34 मामलों में सबसे ज्यादा एफआईआर बागसेवनिया में दर्ज हुई हैं। इस इलाके से कुल 7 केस सामने आए हैं। वहीं, अशोका गार्डन में 6, मिसरोद में 5, अवधपुरी में 4 और कोलार में 3 मामले दर्ज हुए हैं। कमला नगर और पिपलानी में 2-2 केस दर्ज किए गए हैं। जबकि, ऐशबाग, हबीबगंज, निशातपुरा, शाहजहांबाद, बैरागढ़ और गांधी नगर में 1-1 मामला दर्ज हुआ है।
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लगातार बढ़ती साइबर वारदातों ने शहर में डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड किसी से साझा न करें और किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।