भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य बजट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मोहन सरकार के बजट में महिलाओं को महंगाई से कोई राहत नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए महिला कांग्रेस ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस अस्पताल के पास बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर और मौके पर हालात कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गए थे।
प्रदर्शन की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से हुई जहां महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटीं। यहां से महिलाएं ठेले पर स्कूटी और रसोई गैस सिलेंडर रखकर विरोध जताते हुए नारेबाजी करती हुईं मंत्री के बंगले की ओर बढ़ गई। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है लेकिन सरकार ने अपने बजट में न तो रसोई गैस के दाम घटाए, न पेट्रोल-डीजल सस्ता किया और न ही घरेलू खर्चों को लेकर कोई सीधी राहत दी।
जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा वैसे ही पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रेडक्रॉस हॉस्पिटल के पास रास्ता रोक दिया। बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश में कुछ महिला कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गई थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई थी। जिसके बाद हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का पुतला दहन करने की भी कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर पुतला जलाने से रोक दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प जैसी स्थिति बन गई और कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बजट में महिलाओं, गृहिणियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को लिए कोई ठोस राहत नहीं मिली है। बिजली बिल, खाद्य सामग्री और ईंधन की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं लेकिन सरकार सिर्फ घोषणाओं और प्रचार में लगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।
आखिरकार प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बीच सड़क पर ही पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महंगाई पर काबू पाने और महिलाओं को राहत देने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता वापस प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय लौट गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति सीमित क्षेत्र तक थी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस को आगे बढ़ने से रोका गया।