हरदा। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इंदौर के बाद उज्जैन, रतलाम समेत प्रदेश के कई शहरों में दूषित पानी की समस्याएं प्रकाश में आई है। हरदा में भी लोग दूषित पानी से परेशान हैं और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, हरदा शहर के लगभग 10 वार्डों में पेयजल पाइपलाइनें सालों से नालियों के बीच से गुजर रही हैं। इससे शहर की आधी आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है, जिससे हजारों लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दूषित पेयजल और संभावित जनस्वास्थ्य संकट को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि नगर के कई क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइनें गंदे नालों और सीवर लाइनों के पास से गुजर रही हैं, जिससे पानी दूषित होने की आशंका है। साथ ही, नगर की जल आपूर्ति टंकियों की वर्षों से सफाई नहीं की गई है। पार्षदों का कहना है कि यह स्थिति नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है।
कांग्रेस पार्षदों ने इंदौर की हालिया घटना का जिक्र किया, जहां दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग बीमार हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हरदा में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यहां भी ऐसी ही भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि पाइपलाइनों का निरीक्षण, सभी पानी की टंकियों की सफाई एवं कीटाणुशोधन, और पानी की गुणवत्ता की लैब जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करना आवश्यक है।
बता दें कि इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। वहीं, 200 से अधिक मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 32 को ICU में रखा गया है। इस घटना के बाद भागीरथपुरा इलाके में अब भी डर का माहौल है, लोग पानी पीने से भी डर रहे हैं। गलियां सुनसान पड़ी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अस्पतालों में हैं। स्थानीय लोगों का दाव है कि सप्लाई का पानी आज भी दूषित आ रहा है।
मामला तूल पकड़ने के बाद मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव का तबादला कर दिया है। उनके जगह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षीतिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए आईएएस अधिकारी आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक की नियुक्ति की गई। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस हैं।