इंदौर। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में फरार चल रहा कुख्यात गैंगस्टर सतीश पवार उर्फ सतीश भाऊ आखिरकार पुलिस के सामने पेश हो गया। बुधवार को वह अपनी पत्नी नीलम पवार के साथ खजराना पुलिस थाने पहुंचा जहां पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। मंदिर प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस ने गर्भगृह में जबरन प्रवेश करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

इसी जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक अलग और बेहद सनसनीखेज हत्या मामले की परतें भी खुली। पुलिस को शुरुआती सुराग मृतक लाला उर्फ सुधीर दहिया की पत्नी कंचन दहिया से पूछताछ के दौरान मिला। पूछताछ में उसके जवाब लगातार बदलते रहे और कई बातों में विरोधाभास सामने आया। सख्ती से पूछताछ करने पर हत्या की साजिश और इसमें शामिल लोगों के नाम उजागर हुए। जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।

जांच में सामने आया कि सुधीर दहिया पेशे से एम्बुलेंस चालक था। आरोप है कि उसकी पत्नी कंचन दहिया ने अपने प्रेमी गबरू उर्फ दिनेश पटेल के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। उसने दिनेश पटेल को मऊगंज बुलाया था जहां वह अपने साथी शिवम द्विवेदी उर्फ बाबा पंडित के साथ पहुंचा था। दोनों आरोपियों ने धारदार हथियार से सुधीर दहिया के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी। पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कई गंभीर घाव किए गए थे। वारदात के बाद शव को नेशनल हाईवे 135 के किनारे फेंककर आरोपी फरार हो गए थे।

हत्या के बाद आरोपी अपने एक परिचित संजना सिंह के घर में छिप गए थे। पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के वहां ठहरने और पनाह मिलने के ठोस साक्ष्य मिले। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले चरण में कंचन दहिया और संजना सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जबकि, अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।

तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने शिवम द्विवेदी उर्फ बाबा पंडित (24) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने 29 दिसंबर 2025 को दिनेश पटेल के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना से जुड़े अहम साक्ष्य भी बरामद किए। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपी गबरू उर्फ दिनेश पटेल और शिवम उर्फ बाबा पंडित को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। अब तक तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है जबकि मुख्य आरोपी दिनेश पटेल की तलाश जारी है।

पूछताछ के दौरान मामले ने नया मोड़ तब लिया जब शिवम द्विवेदी ने एक और हत्या का खुलासा किया। उसने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में वह और दिनेश पटेल इंदौर के किशनगंज थाना क्षेत्र में राऊ हाईवे टोल के पास रिटायर्ड फौजी अनिल नेगी की हत्या में भी शामिल थे। आरोप है कि हत्या के बाद शव को जलाकर सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। इस खुलासे के बाद मऊगंज पुलिस ने किशनगंज थाना पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा कर दी है और मामले की जांच अब दोनों जिलों की पुलिस कर रही है।