भोपाल। राजधानी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को अरेरा कॉलोनी और शाहपुरा इलाके में स्थानीय रहवासी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और शराब दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि जिन स्थानों पर ठेके संचालित किए जा रहे हैं वे नियमों के विरुद्ध हैं। अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान मंदिर के पास संचालित हो रही है। जबकि, शाहपुरा में एक स्कूल से करीब 50 मीटर की दूरी पर ठेका खोले जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।
अरेरा कॉलोनी में पिछले एक साल से शराब दुकान हटाने की मांग की जा रही है। गुरुवार को रहवासियों ने हाथों में बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान स्थानीय लोग, महिलाएं और जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे थे। खास बात यह रही कि इस विरोध प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के नेता भी एक मंच पर दिखाई दिए थे।
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स्थानीय निवासी और कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जा रही है वह पूरी तरह आवासीय उपयोग के लिए चिन्हित है। इसके बावजूद वहां व्यावसायिक गतिविधि चलाई जा रही है। जो मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही दुकान नहीं हटाई गई तो रहवासी उग्र आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ने पर दुकान में ताला बंदी भी की जाएगी।
प्रदर्शन में क्षेत्रीय भाजपा पार्षद शिखा गोहिल के साथ सचिन दास बब्बा, रवि शर्मा, लवनीश भाटी, पूर्णेंदु शुक्ला समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक माहौल का है।
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रहवासियों का कहना है कि शराब दुकान से महज 40 मीटर की दूरी पर आर्य समाज मंदिर स्थित है लेकिन अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसे मंदिर मानने से इनकार कर दिया। इसे लेकर लोगों में और ज्यादा नाराजगी है। उनका कहना है कि दुकान के कारण क्षेत्र में रोज भीड़, वाहनों की आवाजाही, शोर शराबा और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। जिसकी वजह से महिलाओं और बच्चों को परेशानी हो रही है।
इस मामले की शिकायत मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुकी है। आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मौके का निरीक्षण भी किया था लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, शाहपुरा थाना क्षेत्र के गुलमोहर कॉलोनी इलाके में भी शराब दुकान खोले जाने का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय नागरिकों, स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और बच्चों ने प्रदर्शन कर दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल के इतने करीब शराब दुकान होना बच्चों के लिए गलत संदेश देता है और इससे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है।
भोपाल के अन्य इलाकों में भी इसी तरह का विरोध जारी है। अवधपुरी के ऋषिपुरम क्षेत्र में पिछले 18 दिनों से धरना चल रहा है। कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहे पर रोज विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। सेमराकलां में लोग एक साल से जनसुनवाई में आवेदन दे रहे हैं। जबकि, ईंटखेड़ी में भी इस मामले पर प्रदर्शन हो चुका है। पॉलिटेक्निक चौराहे की शराब दुकान को लेकर भी आंदोलन हो चुका है।