रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक गांव में प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों और उनके परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी होने से सनसनी फैल गई। अब इस अजीब फरमान का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने छह ग्रामीणों के खिलाफ शांति बनाए रखने के लिए कानूनी कार्रवाई की। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून से ऊपर कोई सामाजिक तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, रतलाम जिले के पंचेवा गांव का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक गांव की ओर से फरमान पढ़ रहा है और आसपास गांव के लोग मौजूद हैं। फरमान में कहा गया है कि गांव में प्रेम विवाह करने वालों को किसी तरह का संरक्षण नहीं दिया जाएगा और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रेम विवाह करने वालों के परिवारों का हुक्का-पानी बंद करने, सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रखने और उनसे किसी भी तरह का संबंध न रखने की चेतावनी दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते छह महीनों में गांव की चार लड़कियां घर छोड़कर प्रेम विवाह कर चुकी हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि ऐसी घटनाओं के बाद लड़कियां माता-पिता को पहचानने से भी इनकार कर देती हैं, जिससे परिवारों को सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी बात को लेकर गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, इस चेतावनी का उद्देश्य यह है कि गांव की अन्य युवतियां इस तरह का कदम न उठाएं और भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लग सकें।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन के अफसरों ने गांव जाकर लोगों को समझाया कि वे कोई भी गैरकानूनी कदम न उठाएं। जिलाधिकारी मिशा सिंह ने सोमवार को बताया कि वीडियो का संज्ञान लेकर इसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान कर ली गई है। जांच में सामने आया है कि प्रेम विवाह के खिलाफ फैसले ग्राम सभा ने नहीं, बल्कि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लिए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।