सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर सरकारी योजना का सहारा लेकर आम लोगों को निशाना बनाया है। ठग खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी बताकर फोन कर रहे हैं और लिंक या ओटीपी हासिल कर सीधे बैंक खातों से पैसे निकाल रहे हैं। बीते दो दिनों में ऐसे दो मामले सामने आए हैं।

पहले मामले में ठग ने खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी प्रेम नारायण यादव बताते हुए शिवम साहू को फोन किया था। कॉल के दौरान ठग ने कहा कि पीएम मातृ वंदना योजना की राशि खाते में फेल हो रही है और उसे दोबारा ट्रांसफर कराने के लिए दूसरा बैंक खाता नंबर देना होगा। बातचीत के दौरान फोन-पे पर एक लिंक आया। जैसे ही ओटीपी साझा किया गया खाते से चार किश्तों में कुल 28 हजार रुपये निकाल लिए गए।

यह भी पढ़ें:रायसेन में टला बड़ा हादसा, चलती बस में अचानक लगी आग, 50 यात्री थे सवार

दूसरा मामला रविवार को सामने आया जिसमें बंटी साहू नामक हितग्राही के खाते से 10 हजार रुपये की ठगी की गई। दोनों ही मामलों में ठगों ने पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को ही टारगेट किया। एक पीड़ित के यहां हाल ही में डिलीवरी हुई थी जबकि दूसरा मामला करीब चार साल पुराना था लेकिन फिर भी उसे योजना के नाम पर कॉल कर भ्रमित किया गया।

पीएम मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अनुसार, पहले बच्चे के लिए 5 हजार रुपये और दूसरे बच्चे के लिए यदि लड़की हो तो 6 हजार रुपये तक की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। साइबर ठग इसी योजना की जानकारी का फायदा उठाकर लाभार्थियों को भरोसे में ले रहे हैं और ठगी को अंजाम दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें:T-20 वर्ल्ड कप से पहले गहराया भारत–बांग्लादेश विवाद, वेन्यू बदलने की मांग पर अड़ा BCB

मामले सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की अपील की है। वार्ड क्रमांक 45 के पार्षद पंकज कुशवाहा ने नागरिकों से साफ कहा है कि किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, लिंक या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। वहीं, महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने स्पष्ट किया कि विभाग में प्रेम नारायण यादव नाम का कोई कर्मचारी नहीं है और पीएम मातृ वंदना योजना की राशि सीधे भारत सरकार द्वारा लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

यह भी पढ़ें:भोपाल नगर निगम परिषद में हंगामा, गोकशी और दूषित जल के मुद्दे पर महापौर से इस्तीफे की मांग