मध्यप्रदेश इस समय भीषण सर्दी और घने कोहरे की गिरफ्त में है। भोपाल, खजुराहो समेत कई शहरों में हालात ऐसे हैं कि विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम रह गई है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा, तेज ठंड और शीतलहर का असर साफ तौर पर देखा गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार सुबह भी 30 से ज्यादा जिलों में कोहरे का असर बना रहा।

हालांकि राजधानी भोपाल में दो दिन बाद मौसम ने थोड़ी राहत दी है। मंगलवार सुबह आसमान साफ हुआ और धूप निकली जिससे लोगों को ठंड से कुछ हद तक राहत मिली। इसके बावजूद सुबह और रात के समय सर्दी का असर अभी भी बना हुआ है।

तेज सर्दी और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए हैं। प्रदेश के 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। जबकि, 6 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। वहीं, 25 जिले ऐसे हैं जहां अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है और वहां के बच्चे तेज ठंड में स्कूल जाने को मजबूर हैं।

कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा, सचखंड, शताब्दी सहित कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 3 घंटे तक लेट पहुंच रही हैं। सर्द हवाओं के कारण ठंड और तेज हो गई है। जिसके चलते ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।

तापमान के आंकड़े भी सर्दी की तीव्रता बता रहे हैं। शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना और मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री और मंडला तथा पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, जबलपुर में 9 डिग्री और उज्जैन में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

शीतलहर के चलते इंदौर में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है। उज्जैन में नर्सरी से पांचवीं तक एक दिन की छुट्टी दी गई है। मंदसौर में नर्सरी से आठवीं तक दो दिन का अवकाश रहेगा। शाजापुर और विदिशा में नर्सरी से आठवीं या पांचवीं तक के स्कूल 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगे। ग्वालियर में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगे और 7 जनवरी से कक्षाएं शुरू होंगी। अशोकनगर में 5 जनवरी को स्कूल और आंगनबाड़ी बंद रखी गई हैं। रायसेन में नर्सरी से पांचवीं तक के स्कूल 7 जनवरी तक बंद रहेंगे।

आगर मालवा में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है और आंगनबाड़ी भी बंद रहेंगी। भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच और रतलाम में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों में 5 और 6 जनवरी को छुट्टी रहेगी। राजगढ़ में आठवीं तक के स्कूलों में दो दिन का अवकाश दिया गया है। मंडला में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगी। जबलपुर में भी नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी। दमोह में प्री-प्राइमरी से आठवीं तक एक दिन का अवकाश दिया गया है और आंगनबाड़ी भी बंद रहेंगी। डिंडौरी में नर्सरी से पांचवीं तक के स्कूल 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगे। नर्मदापुरम में कक्षा आठवीं तक के स्कूल 6 और 7 जनवरी को बंद रहेंगे। झाबुआ में प्ले ग्रुप से कक्षा तीन तक के स्कूल 6 से 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। छतरपुर और सीधी में कक्षा 1 से 8 या नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है। बैतूल में शीतलहर के कारण नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद रखे गए हैं।

जिन जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं वहां समय में बदलाव किया गया है। भोपाल में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खुलेंगे। धार में नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं 9:30 बजे के बाद लगेंगी, जबकि 9वीं से 12वीं तक का समय यथावत रहेगा। सीहोर में 6 जनवरी से नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगी। अनूपपुर में एक पाली वाले स्कूल सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक और दो पाली वाले स्कूल 11 से 1 तथा 1 से 5 बजे तक संचालित होंगे। बड़वानी में नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी। मुरैना में भी आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे के बाद शुरू होंगी।