इंदौर। संघ लोक सेवा आयोग ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। इस परीक्षा में इंदौर के अक्षत बलदवा ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर अखिल भारतीय स्तर पर 173वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि अक्षत पूरी तरह नेत्रहीन हैं। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली UPSC में सफलता हासिल कर एक मिसाल कायम की है।
अक्षत बलदवा की उपलब्धि ने पूरे इंदौर शहर को गौरवान्वित किया है। नेत्रहीन होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को कमजोरी नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए यह मुकाम हासिल किया। वर्तमान में अक्षत बेंगलुरु में रह रहे हैं और आने वाली प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं लेकिन बहुत कम अभ्यर्थी ही सफलता हासिल कर पाते हैं। ऐसे में अक्षत की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे और कड़ी मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
इस साल UPSC 2025 में राजस्थान के कोटा निवासी अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम दूसरे स्थान पर रहीं। जबकि, चंडीगढ़ के एकांश ढुल ने तीसरी रैंक प्राप्त की। चौथे स्थान पर राघव झुनझुनवाला रहे और मध्य प्रदेश के ईशान भटनागर ने पांचवां स्थान हासिल किया।
UPSC 2025 के परिणामों में मध्य प्रदेश के कई उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। भोपाल के ईशान भटनागर ने ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की है। जबकि, ग्वालियर की आस्था जैन 9वीं रैंक के साथ सफल रहीं थी। अशोकनगर के चितवन ने 17वीं रैंक प्राप्त की। इसके अलावा धार के प्राक्षल सेकेट्री को 8वीं रैंक, ग्वालियर के अभिषेक चतुर्वेदी को 104वीं, जबलपुर के अनुराग सिंह को 165वीं, इंदौर की प्रिया वर्मा को 210वीं, गुना की देवांगी मीणा को 236वीं और खंडवा की रूपल जायसवाल को 43वीं रैंक मिली है।