इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई 15 मौतों के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है। उन्होंने इन मौतों के लिए स्थानीय प्रशासन और नेतृत्व को पूरी तरह जिम्मेदार बताया है। साथ ही पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी। सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?'

राहुल गांधी ने सवाल किया कि सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? कांग्रेस नेता ने कैलाश विजयवर्गीय को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये ‘फोकट’ सवाल नहीं जवाबदेही की मांग है। दरअसल, इस मामले में एक सवाल के जवाब में विजयवर्गीय ने पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए कहा था कि क्या फोकट का सवाल पूछ रहे हो।

राहुल गांधी ने कहा कि साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।

इस मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हमला बोला है। खड़गे ने कहा, 'जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले नरेंद्र मोदी हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं। यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार “Cleanest City” का ख़िताब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहाँ पर भाजपा के निकम्मेपन के चलते लोग साफ़ पानी के मोहताज हैं।' 

खड़गे ने आगे कहा, '11 साल से देश केवल लंबे-चौड़े भाषण, झूठ-प्रपंच, खोखले दावे, डबल-इंजन की डींगें सुन रहा है। जब मंत्री जी से सवाल पूछा जाता है तो वो गाली-गलौज पर उतर आते हैं। सत्ता को अहंकार में उल्टा पत्रकार पर हावी हो जाते हैं। भाजपा सरकारों के कुशासन पर पूरी मशीनरी पर्दा डालने में जुट जाती है। जल जीवन मिशन समेत, हर योजना में भ्रष्टाचार और धाँधली है। याद दिलाना ज़रूरी है कि जल जीवन मिशन का 10% फंड दूषित पानी को साफ़ करने के लिए दिया जाता है। मोदी सरकार और भाजपा ने ना देश को साफ़ पानी मुहैया कराया है और ना ही स्वच्छ हवा। आम जनता भुगत रही है।'

इंदौर में जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 32 को ICU में रखा गया है। 71 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। भागीरथपुरा इलाके में अब भी डर का माहौल है, लोग पानी पीने से भी डर रहे हैं। गलियां सुनसान पड़ी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अस्पतालों में हैं। 

मामला तूल पकड़ने के बाद मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया का ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। उधर, विपक्ष इस घटना को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले को वही दूषित पानी पिलाकर इस घटना का विरोध जताया।