सीहोर। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने की कवायद तेज हो गई है। रविवार को इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सीहोर जिले के इच्छावर विधानसभा अंतर्गत खेरी ग्राम में ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में ग्राम चौपाल के माध्यम से ग्राम सभा में बैठकर पंचायत स्तर की कमेटी बनाई गई।

खेरी ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम चौपाल के दौरान दिग्विजय सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि आप सब में से अध्यक्ष कौन होगा, यह आपसी सहमति से तय कीजिए। इसके बाद ग्रामीणों ने आपस में चर्चा कर ग्राम पंचायत कमेटी के पदाधिकारियों के नाम तय किए। इस दौरान मुकेश वर्मा को खेरी ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। वहीं शारदा बेन को महिला कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई। कुलदीप वर्मा को यूथ कांग्रेस का कमान सौंपा गया। जबकि छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी अजय वर्मा को सौंपी गई। 

ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में आज विचारधारा की लड़ाई है। एक कांग्रेस की विचारधारा है जो सबको सामान दृष्टि से देखती है। एक भाजपा की विचारधारा है जो लोगों को धर्म और जातियों में बांटती है। अंग्रेजी हुकूमत से लड़कर इस देश को कांग्रेस ने आजादी दिलाई। पहले रानी के पेट से राज पैदा होते थे। लेकिन अब आप तय करते हैं कि हमारा प्रतिनिधि कौन होगा। कांग्रेस ने ही लड़ाई लड़कर देश के हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार दिया। 

सिंह ने आगे कहा कि देश के सामने महंगाई गंभीर संकट बन गई है और बेरोजगारी भी बढ़ रही है। स्कूलों में पढ़ाई महंगी हो गई, अस्पतालों में दवाई महंगी हो गई लेकिन आमलोगों की आमदनी नहीं बढ़ रही है। खेती की लागत दोगुनी हो गई लेकिन भाव में वृद्धि नहीं हुई। सोयाबीन का भाव दस साल पहले जितना था आज भी उतना ही है। खर्चे बढ़ गए लेकिन लोगों की आमदनी नहीं बढ़ी। मजदूरों को पहले जो मजदूरी मिलती थी आज भी वही मिल रही है। लेकिन भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाकर हमें हिन्दू-मुस्लिम में बांटना चाहती है। 

सिंह ने कहा कि हर धर्म का मूल यही है कि सच बोलो, नेक इंसान बनो और गलत काम मत करो। यही इंसानियत है और अच्छा इंसान बनना ही धर्म है। आज समाज में विभाजन की कोशिशें हो रही है, जबकि संविधान सभी को समान अधिकार देता है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी के इतिहास में यह पहला अवसर माना जा रहा है जब ग्राम सभा में ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से ग्राम पंचायत कमेटी का गठन किया गया। पंचायत स्तर पर जाकर गांव वालों के साथ सलाह-मशविरा कर संगठन खड़ा करने की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसे पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।